
पीएम मोदी की डिग्री मामले में अरविंद केजरीवाल को झटका, गुजरात हाई कोर्ट में अपील पर क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर अपील को लेकर गुजरात हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 24 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इसलिए फिलहाल अपील खारिज होने की पुष्टि करना सही नहीं होगा।
यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को लेकर लंबे समय से अदालतों में चल रहा है। केजरीवाल ने गुजरात हाई कोर्ट के मार्च 2023 के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग के उस निर्देश को रद्द कर दिया गया था, जिसके तहत गुजरात यूनिवर्सिटी को पीएम मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी देने को कहा गया था।
25 हजार रुपये की लागत का मामला भी जुड़ा
गुजरात हाई कोर्ट की एकल पीठ ने मार्च 2023 में सीआईसी के निर्देश को रद्द करने के साथ अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपये की लागत भी लगाई थी। केजरीवाल की मौजूदा अपील इसी आदेश में लगाई गई लागत को चुनौती देने से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने लंबे समय तक इस मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं किया था, इसलिए उन पर कार्यवाही जारी रखने का आरोप लगाकर लागत लगाना उचित नहीं था। दूसरी ओर, मामले में गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से अदालत के सामने अपना पक्ष रखा गया।
डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत केंद्रीय सूचना आयोग के उस निर्देश से हुई थी, जिसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था। बाद में गुजरात हाई कोर्ट की एकल पीठ ने इस निर्देश को रद्द कर दिया था।
इसके बाद अरविंद केजरीवाल की ओर से अदालत में इस फैसले को चुनौती दी गई। अब डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
उपलब्ध 24 सितंबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात हाई कोर्ट का अंतिम फैसला उस समय तक जारी नहीं हुआ था। इसलिए इस मामले में आगे अदालत के आदेश का इंतजार है।
इस मामले से जुड़े अलग घटनाक्रम में जुलाई 2026 में अहमदाबाद की एक सेशन कोर्ट ने भी केजरीवाल की एक रिवीजन याचिका खारिज की थी। वह याचिका गुजरात यूनिवर्सिटी से प्रधानमंत्री मोदी की शिक्षा और डिग्री से संबंधित दस्तावेज हासिल करने की मांग से जुड़ी थी।



