
प्रतापगढ़, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड की कक्षा 12वीं परीक्षा में टॉप करने वाले आसपुर देवसरा क्षेत्र के बैजलपुर निवासी रजनीश यादव की पूर्व की शैक्षिक डिग्रियां निरस्त कर दी गई हैं। फर्जी शैक्षिक अभिलेख और जन्मतिथि व नाम में बदलाव के मामले में हुई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
रजनीश यादव ने 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया था। इसके बाद उसे सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सम्मान राशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया था। मामले की शिकायत उसके पड़ोसी जगत प्रसाद ने की थी।
शिकायत के बाद हुई जांच में रजनीश के पूर्व शैक्षिक अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में जन्मतिथि के साथ नाम में भी बदलाव किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
एक लाख रुपये की सम्मान निधि होगी वसूल
विभागीय जांच में भी आरोप सही पाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने रजनीश के पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के शैक्षिक अभिलेख निरस्त करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही टॉपर बनने पर मिले पुरस्कार और सम्मान राशि वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। एक लाख रुपये की सम्मान निधि को राजस्व की भांति वसूल किए जाने का भी आदेश दिया गया है।



