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प्रतापगढ़ न्यूज : बदहाली में डूबा ‘शिवरा’, एक हफ्ते से थमे बच्चों के कदम; ग्रामीण बोले- कब जागेंगे जिम्मेदार?

प्रतापगढ़ अमृत विचार : विकास के दावों की धज्जियां उड़ाती यह दर्दनाक तस्वीर मानधाता कोतवाली क्षेत्र के शिवरा गांव की है, जहां के ग्रामीण बीते कई दिनों से जलभराव और बेबसी का दंश झेलने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग तालाब में तब्दील हो चुका है।

सड़क नीची होने के कारण जमा हुआ पानी अब ग्रामीणों के जीवन पर भारी पड़ रहा है। जलजमाव का सबसे दुखद पहलू यह है कि बीते एक हफ्ते से गांव के नन्हेमुन्ने बच्चे स्कूल नहीं जा पाए हैं। हाथों में किताबें थामने की उम्र में बच्चे पानी से भरे रास्तों को निहारने पर मजबूर हैं।

ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर घुटने भर पानी और नीचे छिपे अदृश्य गड्ढों के बीच से गुजर रहे हैं। हर कदम पर हादसे का खौफ मंडरा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब शिवरा गांव ने यह दंश झेला हो। हर साल मानसून आते ही यह राह तालाब बन जाती है।

स्थानीय निवासियों का छलका दर्द

स्थानीय निवासियों का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक, सांसद और जिलाधिकारी तक दर्जनों बार लिखित व मौखिक गुहार लगाई जा चुकी है। जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों का पानी सूख गया, लेकिन गांव की सड़क का पानी नहीं सूखा। ग्रामीणों ने आरोप है कि जिम्मेदार कब जागेंगे। जायज क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं ? परेशान ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए। गांव वालों की मांग है कि सड़क को ऊंचा उठाकर पक्का निर्माण कराया जाए और जल निकासी का पुख्ता इंतजाम हो, ताकि हर साल डूबने वाली इस गांव की जिंदगी को सुरक्षित किनारा मिल सके।

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