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Prateek yadav Death Reason: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक की मौत कैसे हुई?

महज 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया. उनकी मौत क्यों और कैसे हुई, इसको लेकर चीजें अभी साफ नहीं हो पाई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इसका पता चल पाएगा. पोस्टमार्टम के लिए 4 डॉक्टरों की टीम बनाई गई है. इस दौरान वीडियोग्राफी भी होगी.

Prateek yadav Death Reason: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक की मौत कैसे हुई?
Prateek yadav Death Reason: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक की मौत कैसे हुई?

प्रतीक यादव की मौत कैसे हुई?

लखनऊ के सिविल अस्पताल के आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रतीक यादव का ड्राइवर सिविल हॉस्पिटल पहुंच कर बताया कि भैया की तबीयत खराब हो गई है. जब डॉक्टर घर पर पहुंचे तो बॉडी में कुछ नहीं था. बॉडी को सिविल हॉस्पिटल लाया गया और ब्रॉटडेड बताया गया. बॉडी को सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने रोक लिया क्योंकि सस्पेक्टेड पॉइजिंगनिंग का मामला लगा. लिहाजा बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमसी भेजा गया. सिविल हॉस्पिटल के निदेशक ने ये जानकारी दी.

4 डॉक्टरों की टीम करेगी पोस्टमार्टम

प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ ने चार डॉक्टरों की टीम बनाई गई, जो आधे घंटे का पोस्टमार्टम करेगी. इसके अलावा केजीएमयू ने भी दो डॉक्टरों की टीम गठित की है जो विशेषज्ञ स्तर के हैं. पूरा पोस्टमार्टम कैमरे की निगरानी में होगा. सुबह 10 बजे के आसपास प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा. पोस्टमार्टम डाक्टरों का पैनल करेगा.

किचन में बेहोश, 4.55 पर अस्पताल को कॉल

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे. सुबह 4 बजकर 55 पर घर में मौजूद लोगों में अस्पताल को इस बात की जानकारी दी. पुलिस ने प्रतीक के फोन को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. प्रतीक ने निधन के समय अपर्णा घर पर नहीं थीं. अपर्णा बीती रात दिल्ली में थीं. पति के निधन की जानकारी मिलने के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हुईं.

कुछ दिन पहले मेदांता में हुए थे भर्ती

बता दें कि कुछ दिन पहले उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पल्मोनरी एम्बोलिज्म का इलाज चल रहा था. इस बीमारी में फेफड़े की धमनी में ब्लड क्लॉटिंग हो जाती है. यह फेफड़ों में रक्त संचार को रोक देता है. इससे सांस लेने में तकलीफ होती है. छाती में तेज दर्द और कभीकभी खून के साथ खांसी जैसे लक्षण होते हैं. पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि हालात में सुधार होने पर प्रतीक यादव को डाक्टर डिस्चार्ज नहीं कर रहे थे. मगर वो जबरन अस्पताल से छुट्टी लेकर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे.

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