Basic Education Department UP Notice Prayagraj: परिषदीय विद्यालयों में नए नामांकन बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बावजूद प्रयागराज जिले के 512 विद्यालयों में 10 से भी कम नए प्रवेश होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने ऐसे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और समस्त शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने जिम्मेदार विद्यालयों से किया जवाब तलब
विभाग के अनुसार शासन ने इस वर्ष परिषदीय विद्यालयों में पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम पांच प्रतिशत अधिक नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि जिले में अब तक यह लक्ष्य काफी पीछे चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में 59,874 नए नामांकन हुए हैं, जबकि पिछले शैक्षणिक सत्र 202526 में यह संख्या 87,429 थी। लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर विभाग ने जिम्मेदार विद्यालयों से जवाब तलब किया है।
बीएसए द्वारा जारी सूची
बीएसए द्वारा जारी सूची में सबसे अधिक 56 विद्यालय शंकरगढ़ विकासखंड के हैं, जहां 10 से कम नए प्रवेश हुए हैं। इसके बाद करछना के 54 विद्यालय इस सूची में शामिल हैं। वहीं कोरांव के 37, उरुवा के 26, प्रतापपुर के 26, जसरा के 25, मेजा के 25, सैदाबाद के 25, मांडा के 24, फूलपुर के 21, होलागढ़ के 21, मऊआइमा के 20, कौंधियारा के 19, सहसों के 18, बहादुरपुर और शृंगवेरपुर के 1717 विद्यालयों में भी बेहद कम नामांकन दर्ज किया गया है।
इसके अलावा हंडिया और धनूपुर के 1414, बहरिया के 12, भगवतपुर के 11, नगर क्षेत्र के नौ, कौड़िहार प्रथम के आठ, सोरांव के सात तथा चाका के छह विद्यालय भी नोटिस की जद में आए हैं।
विभागीय समीक्षा में दो से चार विद्यालयों में नामांकन शून्य
विभागीय समीक्षा में यह भी सामने आया कि उरुवा विकासखंड के कुछ प्राथमिक और उच्च में अब तक एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ है। अन्य विकासखंडों में भी ऐसे दो से चार विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां नामांकन शून्य है।
बीएसए अनिल कुमार ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक तथा पूरा शिक्षकीय स्टाफ नामांकन बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें। सभी विद्यालयों को के माध्यम से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि नामांकन अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर आगे आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।



