नई दिल्ली : दिल्ली के अस्पताल में भर्ती लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आज एक बेहद बड़ा ऐलान किया है। वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपना अनशन तब तक खत्म नहीं करेंगे, जब तक कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती, या फिर प्रशासन उन युवा नेताओं को अस्पताल में आकर उनसे मिलने की इजाजत नहीं दे देता। वांगचुक के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से उनके हस्ताक्षर वाला एक हाथ से लिखा हुआ नोट साझा किया गया है, जिसने आंदोलनकारियों में नया जोश भर दिया है।

पत्नी गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर शेयर किया इमोशनल नोट
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया पर अपने पति का यह हाथ से लिखा संदेश जनता के साथ साझा किया। इस पत्र के जरिए वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के प्रति अपनी गहरी एकजुटता व्यक्त की है। गौरतलब है कि यह युवा समूह नीटयूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लगातार अड़ा हुआ है।
23वें दिन भी जारी रहा अनशन, छात्रों के धैर्य की सराहना की
अपने हस्तलिखित नोट में वांगचुक ने लिखा, “मैं अपना अनशन लगातार जारी रखूंगा। दिल्ली की सड़कों पर बेहद शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की क्रूरता और सख्ती बरती जा रही है, उसे देखने के बाद मैंने यह कड़ा फैसला लिया है।” लद्दाख के इस वरिष्ठ कार्यकर्ता ने आगे कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “पुलिस और प्रशासन के भारी उकसावे के बावजूद युवाओं ने जिस तरह से शांति और अनुशासन बनाए रखा है, उसने मेरे दिल को छू लिया है।”
सरकार और पुलिस से की अंतिम अपील
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही सरकार और दिल्ली पुलिस से बेहद संजीदा अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आज या कल में ही छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को संसद के सामने अपनी उचित शिकायतें और मांगें रखने की अनुमति दे देनी चाहिए, ताकि इस गंभीर गतिरोध को बातचीत के जरिए तुरंत हल किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से भी खास गुजारिश की कि वे आने वाले दिनों में भी उतना ही धैर्य, शांति और सहनशीलता का प्रदर्शन करें, जैसा कि उन्होंने अब तक के आंदोलन में दिखाया है।



