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छोटी दिवाली पर कोच्चि में बड़ा विरोध मार्च निकालने की तैयारी, प्रकाश राज समेत कई चर्चित चेहरे होंगे शामिल

छोटी दिवाली पर कोच्चि में बड़ा विरोध मार्च निकालने की तैयारी, प्रकाश राज समेत कई चर्चित चेहरे होंगे शामिल

कोच्चि, केरल: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वापस लेने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केरल में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी शनिवार को कोच्चि में एक मार्च निकालने जा रही है, जिसे ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ नाम दिया गया है। इस प्रदर्शन में अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पार्टी के मुताबिक, मार्च शाम 4 बजे कोच्चि के ऐतिहासिक राजेंद्र मैदान से शुरू होगा। इसका नेतृत्व CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके, राष्ट्रीय नेता आफरीन नवाज और दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी करेंगे।

प्रकाश राज भी प्रदर्शन में होंगे शामिल

CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रदर्शन की जानकारी साझा की है। पार्टी का कहना है कि इस मार्च में कई प्रमुख चेहरे और युवा कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। अभिनेता प्रकाश राज भी इसमें शामिल होकर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

पार्टी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। उसका आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इसी के विरोध में CJP देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन करने की तैयारी कर रही है।

दिल्ली में प्रदर्शन के बाद अब कोच्चि पर नजर

इससे पहले CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। उस दौरान पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पार्टी के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ विरोध जताया था।

13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद दोनों नेताओं की गिरफ्तारी ने संगठन की गतिविधियों को प्रभावित किया। इसके बाद 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई थी। पार्टी का दावा था कि उसके पास आगे की रणनीति भी तैयार थी, लेकिन प्रस्तावित मार्च नहीं हो सका।

मई में गठन के बाद कई मुद्दों पर आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी का गठन मई में हुआ था। इसके बाद संगठन ने अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन किए। पार्टी का पहला बड़ा आंदोलन NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर था। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी।

अगस्त में पार्टी ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया। इसके तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

सितंबर के आखिरी सप्ताह से पार्टी ने चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध तेज किया। संगठन ने कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की।

त्योहार पर समर्थकों से परिवार के साथ समय बिताने की अपील

लगातार प्रदर्शनों और गिरफ्तारियों के बीच अभिजीत दीपके ने दशहरे पर समर्थकों के लिए एक संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों से त्योहार के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताने की अपील की थी।

दीपके ने कहा था कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के फैसले का असर उनके परिवारों पर भी पड़ता है। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रंका का जिक्र करते हुए उनके परिवारों की परेशानी पर भी बात की थी, क्योंकि उस समय दोनों नेता न्यायिक हिरासत में थे।

अब कोच्चि में प्रस्तावित मार्च के जरिए CJP दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और SIR के मुद्दे पर लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शन का असर और इसमें लोगों की भागीदारी कैसी रहती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर पार्टी की ओर से जारी जानकारी और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। SIR प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप पार्टी के दावे हैं; उनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है।

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