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30​​​ की उम्र से ही हड्डियों को मजबूत बनाने की तैयारी करें, मखाना-तिल और खसखस से बनाएं खास न्यूट्रिशन पाउडर

30​​​ की उम्र से ही हड्डियों को मजबूत बनाने की तैयारी करें, मखाना-तिल और खसखस से बनाएं खास न्यूट्रिशन पाउडर

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। खासकर 30 से 35 साल की उम्र के बाद खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना भविष्य में हड्डियों से जुड़ी परेशानियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। कैल्शियम, प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हड्डियों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में रोजमर्रा की डाइट में कुछ पौष्टिक चीजें शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने मखाना, सफेद तिल और खसखस से तैयार होने वाले एक घरेलू पाउडर की रेसिपी साझा की है। इसे बनाना आसान है और दूध के साथ लिया जा सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि कोई एक घरेलू पाउडर हड्डियों को मजबूत करने या जोड़ों के दर्द को रोकने की गारंटी नहीं देता। यह संतुलित आहार का एक हिस्सा हो सकता है।

हड्डियों की सेहत के लिए किन तीन चीजों से बनेगा पाउडर?

इस पौष्टिक पाउडर को तैयार करने के लिए तीन मुख्य सामग्री की जरूरत होती है।

  • एक कटोरी मखाना
  • एक कटोरी सफेद तिल
  • एक कटोरी खसखस

इसके सेवन के लिए जरूरत के अनुसार दूध भी लिया जा सकता है।

घर पर कैसे तैयार करें यह न्यूट्रिशन पाउडर?

सबसे पहले मखाना, सफेद तिल और खसखस को अलग-अलग धीमी आंच पर हल्का भून लें। ध्यान रखें कि सामग्री जले नहीं। इसके बाद इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें।

अब तीनों चीजों को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। तैयार पाउडर को साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट डिब्बे में भरकर ठंडी व सूखी जगह पर रखें। नमी से बचाने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें।

दूध के साथ कैसे करें सेवन?

इस पाउडर की थोड़ी मात्रा गुनगुने दूध में मिलाकर लिया जा सकता है। इसकी मात्रा अपनी जरूरत, पाचन क्षमता और डाइट के अनुसार रखें। अगर आपको दूध या इनमें से किसी सामग्री से एलर्जी है, तो इसका सेवन न करें। खसखस और तिल से एलर्जी की समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

सफेद तिल हड्डियों के लिए क्यों माने जाते हैं फायदेमंद?

सफेद तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और कुछ अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये खनिज हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य और शरीर के कई जरूरी कार्यों में भूमिका निभाते हैं। तिल को संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना पोषण की दृष्टि से अच्छा विकल्प हो सकता है।

खसखस से मिलते हैं प्रोटीन और खनिज

खसखस में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये शरीर को जरूरी पोषण देने में योगदान करते हैं। हालांकि, खसखस खाने से जोड़ों या कमर के दर्द का इलाज होने का दावा नहीं किया जा सकता।

मखाना भी है पौष्टिक विकल्प

मखाने में कार्बोहाइड्रेट, थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और कई खनिज पाए जाते हैं। इसे हल्के नाश्ते के रूप में या अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ खाया जा सकता है। तिल और खसखस के साथ मिलाकर इसका पाउडर तैयार करने से डाइट में विविधता आती है।

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

हड्डियों की सेहत के लिए केवल एक पाउडर पर निर्भर रहना सही नहीं है। रोजाना पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D लेना, प्रोटीन युक्त भोजन करना और नियमित रूप से चलना, सीढ़ियां चढ़ना या वजन सहने वाले व्यायाम करना भी जरूरी है। पर्याप्त धूप लेने के साथ विटामिन D की जरूरत को लेकर डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।

अगर बार-बार फ्रैक्चर हो रहा है, लगातार हड्डियों या जोड़ों में दर्द रहता है अथवा कम उम्र में हड्डियों की कमजोरी का संदेह है, तो जांच के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर बोन डेंसिटी टेस्ट भी कराया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य पोषण संबंधी जागरूकता के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। यह पाउडर हड्डियों की बीमारी, ऑस्टियोपोरोसिस या जोड़ों के दर्द का इलाज नहीं है। किसी भी सप्लीमेंट या खानपान में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।

— Satya Report

contact.satyareport@gmail.com

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