HealthIndia

​Prostate Cancer: खतरा प्रोस्टेट कैंसर का, जानकारी अधूरी! पुरुषों में जागरूकता की कमी ने बढ़ाई चिंता

देश में प्रोस्टेट कैंसर को लेकर पुरुषों में जागरूकता की कमी सामने आई है. एक सर्वे के मुताबिक, 45 साल और उससे ज्यादा उम्र के 10 में से करीब 6 पुरुषों को यह तक पता नहीं है कि उन्होंने कभी प्रोस्टेट कैंसर की जांच कराई है या नहीं. वहीं, 84 फीसदी पुरुष ऐसे हैं, जिन्होंने जांच नहीं कराई, जिन्हें अपनी जांच की स्थिति की जानकारी नहीं है या जो मानते हैं कि इसकी जांच की जरूरत नहीं है.

​Prostate Cancer: खतरा प्रोस्टेट कैंसर का, जानकारी अधूरी! पुरुषों में जागरूकता की कमी ने बढ़ाई चिंता

हेल्थ फाउंडेशन की ओर से 1,036 पुरुषों पर किए गए इस सर्वे में दिल्लीएनसीआर, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र के लोगों को शामिल किया गया. इसके नतीजे बताते हैं कि पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के खतरे, जांच और इलाज को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.

70 फीसदी पुरुषों को नहीं पता बीमारी का खतरा

सर्वे के मुताबिक, करीब 69 फीसदी पुरुष प्रोस्टेट कैंसर का एक भी जोखिम कारक नहीं बता सके. केवल 13.2 फीसदी पुरुषों को पता था कि परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर होने पर इसका खतरा बढ़ सकता है. वहीं, करीब 75 फीसदी पुरुषों का मानना था कि प्रोस्टेट की निगरानी 50 साल की उम्र के बाद ही शुरू करनी चाहिए.

मैक्स हेल्थकेयर के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. देवव्रत आर्य के मुताबिक, इन आंकड़ों से पता चलता है कि पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर को लेकर बुनियादी जानकारी की कमी है. 45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों को बीमारी के जोखिम और जांच के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए.

PSA टेस्ट के बारे में भी कम जानकारी

सर्वे में शामिल करीब दोतिहाई पुरुषों ने बताया कि वे हर साल सामान्य हेल्थ चेकअप कराते हैं. इसके बावजूद, 60.8 फीसदी पुरुषों को अपनी प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग की स्थिति का पता नहीं था. केवल करीब छह में से एक पुरुष ने बताया कि उसने कभी इसकी जांच कराई है.

प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए PSA नाम का ब्लड टेस्ट किया जाता है. सर्वे में केवल 31 फीसदी पुरुषों ने इस टेस्ट के बारे में सुना था, जबकि महज 14 फीसदी ने डॉक्टर से खुद इसकी मांग की थी.

डॉक्टर से बात करने में भी हिचकिचाते हैं पुरुष

सर्वे में करीब 60 फीसदी पुरुषों ने माना कि वे प्रोस्टेट कैंसर की जांच या इलाज के बारे में डॉक्टर से बात करने में असहज महसूस करते हैं. वहीं, केवल 18 फीसदी पुरुष ऐसे थे, जो खुद आगे बढ़कर इस विषय पर डॉक्टर से बातचीत शुरू करना चाहते थे.

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. नितेश रोहतगी के मुताबिक, कई बुजुर्ग पुरुष प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे बीमारी का पता चलने में देरी हो सकती है.

कब करानी चाहिए जांच?

प्रोस्टेट कैंसर की जांच हर पुरुष के लिए एक ही उम्र में या एक ही तरीके से जरूरी नहीं होती. उम्र, पारिवारिक इतिहास और दूसरे जोखिम कारकों के आधार पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं. PSA टेस्ट कराने का फैसला भी डॉक्टर से चर्चा के बाद लेना चाहिए, क्योंकि इस टेस्ट में PSA बढ़ने का मतलब हमेशा कैंसर होना नहीं है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply