चंडीगढ़
पंजाब रोडवेज पनबस वर्कर यूनियन ने गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि यदि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट आधार पर समायोजित नहीं किया गया तो यूनियन आगामी विधानसभा सत्र का घेराव करेगी।

यूनियन अध्यक्ष हरमिंदर सिंह और सचिव लखविंदर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट का फैसला भी आ चुका है। इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों से नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन उसे आज तक पूरा नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि वे हड़ताल नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रेसवार्ता में यूनियन अध्यक्ष हरमिंदर सिंह व सचिव लखविंदर सिंह ने पंजाब रोडवेज और पनबस के बेड़े की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई बसें स्पेयर पार्ट्स, बैटरियों और बेहतर टायरों के अभाव में चल रही हैं। कई बसों को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ता है, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में निजी बसों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों से निजी बसें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जबकि इसकी शिकायत कई बार परिवहन मंत्री से की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंच रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान यूनियन नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ‘महाराजा’ कंपनी की बसें सरकार के एक मंत्री से जुड़ी हैं, इसलिए उन्हें संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में यूनियन ने कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया। सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यूनियन ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विधानसभा सत्र के दौरान बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।



