चालू वित्तीय वर्ष में यह राजस्व बढक़र 825 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचा

मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने खनन माफिया पर नकेल कसते हुए राजस्व में वृद्धि दर्ज की है। पिछली सरकारों के समय में खनन से प्राप्त राजस्व जहां 120 करोड़ रुपए था वही चालू वित्तीय वर्ष में यह राजस्व बढक़र 825 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है। मान सरकार ने पंजाब माइनर मिनरल पॉलिसी में विशेष संशोधनों को मंजूरी दी हुई है। इन नीतियों के तहत पंजाब सरकार का उद्देश्य कच्चे माल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना, अवैध खनन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कटौती करना, प्रदेश का राजस्व बढ़ाना और एकाधिकार को खत्म करना है। इस नीति में नई माइनिंग श्रेणियां शामिल की गई हैं। नीलामी प्रणाली को आधुनिक बनाया गया है और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। इन नीतियों के परिणाम स्वरूप पंजाब में अवैध खनन पर रोक लगेगी। एलएमएस ढांचा अब राज्य सरकार को रॉयल्टी का भुगतान करने पर भूमि मालिकों को स्वयं या अधिकृत व्यक्तियों के माध्यम से अपनी जमीन से रेत माइनिंग की अनुमति देता है। यह सुधार कानूनी माइनिंग साइटों की संख्या बढ़ा रहा है, जिससे रेत की आपूर्ति और राज्य का राजस्व बढ़ेगा, उपभोक्ताओं की कीमतें घटेंगी और पंजाबियों के लिए व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। पंजाब के अपने कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 202122 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 6.39 प्रतिशत यानी 37,327 करोड़ रुपए से बढक़र 202425 में प्रभावशाली 57,919 रुपए करोड़ हो गया है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.15 प्रतिशत है।



