QR Code vs Mobile Number Payment: आज के डिजिटल दौर में छोटे से लेकर बड़े तक हर कोई के पास एंड्रॉयड मोबाइल होता है। आजकल हर कोई छोटे से बड़े भुगतान के लिए ऑनलाइन पेमेंट करना पसंद करता है। ऑनलाइन पेमेंट करने की सुविधा के चलते लोगों को कहीं भटकना नहीं पड़ता घर बैठे ही कई काम जैसे बिजली बिल से लेकर सिलेंडर बुकिंग के लिए सभी प्रकार के भुगतान फोनपे, पेटीएम, गूगलपे जैसे ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए आसान हो गया है। लेकिन ऐसे में कई बार मन में सवाल उठता है कि स्कैनर और मोबाइल नंबर दोनों में से किससे पेमेंट करना ज्यादा बेहतर तो आइए जानते हैं।
मोबाइल नंबर और स्कैनर दोनों में क्या है अंतर
सुरक्षा के मामले में क्यूआर कोड और मोबाइल नंबर दोनों ही यूपीआई तकनीक पर आधारित हैं और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर लगभग बराबर सुरक्षित हैं। लेकिन दोनों में कुछ अंतर हैं
मोबाइल नंबर से पेमेंट
इसमें आप सीधे सामने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालते हैं और उससे जुड़ी यूपीआई आईडी पर पैसे भेजते हैं।
सुरक्षा और फायदा
1. इसमें नंबर टाइप करते ही जिसे पैसे भेजने उनका नाम आ जाता है, इससे पेमेंट आसान होता है।
2. इसमें कोई फेक क्यूआर कोड चिपकाने या बदलने का खतरा नहीं होता है।
3. आप जिसे जानते हैं और जिनका नंबर आपके पास सेव है, उन्हें पैसे भेजने के लिए यह काफी आसान है।
नुकसान
1. अगर आपने पेमेंट करते समय ध्यान नहीं दिया और गलत नंबर टाइप कर दिया तो गलत जगह पैसे पहुंच जाएंगे।
क्यूआर कोड से पेमेंट
आप फोन के कैमरे से दुकान या व्यक्ति का क्यूआर कोड स्कैन करते हैं। इसमें नंबर टाइप करने की गलती नहीं होती, जिससे सही व्यापारी या व्यक्ति तक सीधे भुगतान पहुंचता है।
नुकसान
कई बार साइबर ठग असली क्यूआर कोड के ऊपर अपना फर्जी क्यूआर कोड चिपका देते हैं । इसलिए स्कैन करने के बाद ऐप की स्क्रीन पर प्राप्तकर्ता का नाम जरूर चेक करें।
कौन सा ज्यादा सुरक्षित है?
1. दोनों तकनीकें समान रूप से सुरक्षित हैं क्योंकि दोनों में ही पैसे कटने से पहले आपको अपना UPI PIN दर्ज करना होता है।
2. अगर ध्यान न दें तो नंबर टाइपिंग में गलती हो सकती है, जिससे पैसे गलत जगह जा सकता है, लेकिन स्कैनर में नंबर टाइप नहीं करना पड़ता।
3. क्यूआर से फर्जीवाड़ा होने की संभावना रहती है, जबकि नंबर से पेमेंट करने पर उसमें नाम दिखाई दे जाता है।
अगर आपको दुकान, मॉल या पेट्रोल पंप में पेमेंट करना है तो आप क्यूआर का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं अगर दोस्त, परिवार या अन्य दूसरे शहर में बैठे व्यक्ति को करना है तो नंबर के जरिए करना अच्छा होगा।
असली सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि आप सावधानी कितनी बरतते हैं।
सावधानियां
1. यदि कोई आपको पैसे भेजने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन करने या यूपीआई पिन डालने को कहे, तो वह फ्रॉड हो सकता है।
2. चाहे मोबाइल नंबर से भेजें या क्यूआर कोड स्कैन करें, पेमेंट अप्रूव करने से पहले ऐप पर दिखने वाला नाम और अकाउंट की पुष्टि जरूर करें।
3.किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें।



