
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से गुजरने वाली गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बहने के कारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हालांकि रविवार को नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई, लेकिन पानी अभी भी चेतावनी बिंदु से करीब 21 सेंटीमीटर ऊपर है। विभिन्न इलाकों में करीब हजारो बीघे धान आदि की फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं जिले के कई अन्य इलाकों में भी भारी बारिश के कारण फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
30 सेंमी की कमी के बावजूद डेंजर है गंगा
आपदा विभाग के सूत्रों से आज रविवार को मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 98.600 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार को घटकर 98.570 मीटर हो गया। इस तरह जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की कमी आई है। इसके बावजूद यह चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर से करीब 21 सेंटीमीटर ऊपर है। गंगा का खतरे का निशान 99.360 मीटर है, जिससे जलस्तर अभी करीब 79 सेंटीमीटर नीचे है।
इन इलाकों में मड़राया बाढ़ का खतरा
जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश के चलते कटरी क्षेत्र समेत अन्य इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चक मलिकभिती, जमाल नगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, अंबहा और बबुरा समेत कई गांवों के ग्रामीण बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। कई स्थानों पर पानी संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है। घाटों के किनारे बने कुछ मकान भी पानी से घिर गए हैं।
किसानों की फैसल बर्बाद
भारी बारिश का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। कटरी क्षेत्र में करीब डेढ़ हजार बीघे धान आदि की फसल पानी में डूब गई है। जिले के कई अन्य इलाकों में भी धान की खड़ी फसल भयंकर बारिश से तबाह हो गई है। जिन स्थानों पर कुछ दिन पहले तक धान की फसल से खेत लहलहा रहे थे, वहां अब पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई खेत भारी बारिश के चलते पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुके हैं। इससे किसानों को फसल के साथ आर्थिक नुकसान की भी चिंता सताने लगी है।
संक्रामक बिमारियों का सता रहा डर
लगातार बारिश और जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा या जिले की अन्य नदियों का जलस्तर फिर बढ़ता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रभावित इलाकों में NDRF की टीमें कर रही निगरानी
आपदा विभाग तथा संबंधित विभागों की टीमें जलस्तर और प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही हैं। बाढ़ व भारी बारिश को लेकर बनाये गए कंट्रोल रूम में स्वास्थ्य विभाग राजस्व, पुलिस व आपदा प्रबंधन आदि के लोग 24 घण्टे तैनात है। अधिकारियों का प्रयास है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित ग्रामीणों को समय रहते राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।



