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​Rahul Gandhi Vande Mataram: खुद गा नहीं पाए …राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज में वंदे मातरम् गाने की कर रहे मांग, बैठे-बैठे गाकर उड़ाई नियमों की ध​ज्जियां

Rahul Gandhi Kshantron ki Ghoonj Vande Matram:  में 19 सितंबर को  में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का छात्रों की गूंज कार्यक्रम होना है। पर इसे लेकर सियासत पहले से तेज हो गई है। राहुल गांधी के कार्यक्रम वंदे मातरम् गाने की मांग करने वाले बीजेपी नेता खुद ही छह छंदों का वंदे मातरम् नहीं गा पाए। और तो और उन्होंने नियमों की धज्ज्यिां उड़ाते हुए बैठेबैठे ही गान गाया। 

​Rahul Gandhi Vande Mataram: खुद गा नहीं पाए …राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज में वंदे मातरम् गाने की कर रहे मांग, बैठे-बैठे गाकर उड़ाई नियमों की ध​ज्जियां

Indore में Rahul Gandhi से Vande Mataram गाने की मांग करने वाले BJP नेता खुद अटके, कैमरे के सामने नहीं गा पाए पूरा राष्ट्रगीत

इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीति गरमा गई है। पुरुषार्थ संस्था के प्रमुख और… pic.twitter.com/efUz7RYtni

— Bansal News Official September 5, 2026

आपको बता दें राहुल गांधी के कार्यक्रम के पहले बीजेपी नेता और पुरुषार्थ संस्था के प्रमुख नानूराम कुमावत ने शनिवार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मांग की कि के कार्यक्रम में छात्रों से सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन कराया जाए। कुमावत ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे आगे विरोध प्रदर्शन करेंगे।

कुमावत ने गाकर सुनाईं पंक्तियां

वंदे मातरम् को लेकर दिए गए बयान के बाद जब पत्रकारों ने कुमावत से सवाल किया कि क्या वह पूरा  गा सकते हैं, तो उन्होंने कुछ पंक्तियां गाकर सुनाने की कोशिश की। इस दौरान वह कई जगह शब्दों के उच्चारण में अटकते नजर आए।

कुमावत ने बैठेबैठे ही वंदे मातरम् की कुछ पंक्तियां गाईं। उनके इस जवाब का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। पत्रकारों ने उनसे पूरा राष्ट्रगीत सुनाने को कहा था, लेकिन वह पूरा गान नहीं कर पाए। 

सवाल के जवाब में उन्होंने जितनी पंक्तियां याद थीं, उन्हें गाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ शब्दों के उच्चारण में रुकावट दिखाई दी। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा में भी सामने आया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर अलगअलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

वंदे मातरम् को लेकर क्या हैं नए नियम

की ओर से हाल ही में वंदे मातरम् को लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों में राष्ट्रगीत को भी उचित सम्मान देने की बात कही गई है। इसके तहत वंदे मातरम् गाए जाने के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़े रहने की बात कही गई है।

साथ ही  के सभी छह छंदों के गायन का उल्लेख किया गया है। इन दिशानिर्देशों के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के गायन और उसके सम्मान को लेकर चर्चा बढ़ी है। राष्ट्रगीत को देश की राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत माना जाता है। ऐसे में इसके गायन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी संदर्भ में जब कुमावत से पूरा वंदे मातरम् गाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कुछ पंक्तियां सुनाईं, लेकिन पूरा गीत नहीं गा सके।

बैठेबैठे गाने को लेकर भी उठे सवाल

कुमावत से जब पूरा वंदे मातरम् गाने के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपनी जगह से उठने के बजाय बैठे हुए ही कुछ पंक्तियां गाईं। इस दौरान वह कई जगह रुकते हुए दिखाई दिए। उनके उच्चारण को लेकर भी सवाल उठे। पत्रकारों के सामने उन्होंने गीत की कुछ पंक्तियां दोहराईं, लेकिन पूरा राष्ट्रगीत गाने की स्थिति में नहीं पहुंचे। 

 

 

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