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​राहुल गांधी का मिशन यूपी : अक्टूबर तक सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर होगा फैसला!

​राहुल गांधी का मिशन यूपी : अक्टूबर तक सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर होगा फैसला!

नयी दिल्ली, अमृत विचार : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधन को लेकर बैठक करने के साथ ही हाल में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई को मिली हार की भी समीक्षा की। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधन तथा टिकटों के वितरण का काम पूरा करना चाहती है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम अक्टूबर तक गठबंधन के साथ ही टिकटों के वितरण का काम पूरा करना चाहते हैं और राहुल गांधी ने भी इस बारे में अपनी सहमति दे दी है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का मानना है कि उत्तर प्रदेश में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे के बाद पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है और लोगों का गांधी के नेतृत्व पर भरोसा बढ़ा है। पार्टी का यह भी कहना है कि समाजवादी पार्टी के साथ उसका गठबंधन सम्मानजनक होना चाहिए और इसलिए अक्टूबर तक गठबंधन को अंतिम रूप देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से संबंधित सारे काम पूरे कर चुनावी तैयारी में जुटना चाहता है। 

पार्टी का मकसद भाजपा को सत्ता से बाहर

पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी तैयारियों की प्रक्रिया स्वाभाविकरूप से समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला होने के बाद ही पूरी हो सकेगी। बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी के साथ ही प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता मौजूद थे। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम लगातार कह रहे हैं कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस पूरी तरह लचीली नीति अपनाने को तैयार है। पार्टी का मकसद भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव करने के लिए काम चल रहा है और दोतीन दिन में नये पदाधिकारियों की सूची सामने आ सकती है। 

एनएसयूआई चारों प्रमुख पदों में से एक भी पद नहीं जीत सकी 

राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआई के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में पार्टी की हार को लेकर व्यापक विचारविमर्श किया गया। बैठक में एनएसयूआई के अध्यक्ष के साथ संगठन के प्रभारी कन्हैया कुमार भी मौजूद थे। डूसू चुनाव में एनएसयूआई चारों प्रमुख पदों में से एक भी पद नहीं जीत सकी। उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई ने वीर चतरथ को उम्मीदवार बनाया था जबकि पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण सहित चुनाव की रणनीति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। 

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