
भीलवाड़ा, राजस्थान: सोने के गहनों का लालच एक बुजुर्ग महिला की जान का दुश्मन बन गया। भीलवाड़ा में 70 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके पड़ोसी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने महिला की गला घोंटकर हत्या की, फिर शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी से हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, कमला देवी के करीब 15 तोला सोने के आभूषणों को लूटने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। महिला के पति की चार साल पहले और बेटे की दो साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। वह भीलवाड़ा के वीर सावरकर नगर में अकेली रहती थीं।
12 अक्टूबर से लापता थीं कमला देवी
कमला देवी 12 अक्टूबर को अचानक लापता हो गई थीं। उनकी बहू रवीना कांकरिया ने 15 अक्टूबर को भीमगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पड़ोसी रवि तापड़िया पर शक गहराने लगा। बताया गया कि रवि का महिला के घर आना-जाना था।
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में 12 अक्टूबर को रवि और कमला देवी साथ जाते दिखाई दिए। पूछताछ में रवि ने पहले महिला को बाजार छोड़ने की बात कही, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर उसने कथित तौर पर हत्या की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।
हत्या के बाद शव जलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि रवि तापड़िया ने अपने साथी हीरा सिंधी के साथ मिलकर कमला देवी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को छत पर ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया। आरोपियों ने पहचान और सबूत मिटाने के लिए हड्डियों और राख को कोठारी नदी में फेंक दिया।
मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर नदी में अवशेषों की तलाश शुरू की गई।
पांच घंटे की तलाश के बाद मिले अवशेष
पुलिस ने जेसीबी की मदद से नदी में जमा मलबे की तलाशी ली। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद हड्डियां बरामद की गईं। अब बरामद अवशेषों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पोते-पोतियों से मिलने की इच्छा रह गई अधूरी
कमला देवी की बहू रवीना ने बताया कि उनकी आखिरी बातचीत 6 अक्टूबर को हुई थी। उस दौरान कमला देवी ने अगली बार आने पर बच्चों को भी साथ लाने के लिए कहा था। वह अपने पोते-पोतियों से मिलना चाहती थीं, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।
सत्य रिपोर्ट: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और पुलिस से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



