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RBI की बैठक से लेकर US-Iran युद्ध तक, ये 5 फैक्टर तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और वैश्विक तनाव में कुछ राहत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा. सप्ताह के अंत में सेंसेक्स 78,094.64 और निफ्टी 24,383.60 पर बंद हुआ. दोनों प्रमुख सूचकांकों ने जुलाई में लगातार दूसरे महीने बढ़त दर्ज की.

आने वाला सप्ताह बाजार के लिए काफी अहम रहने वाला है. निवेशकों की नजर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक, कंपनियों के तिमाही नतीजों, अमेरिकाईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों पर रहेगी.

1. RBI MPC Meeting पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 3 से 5 अगस्त तक होगी. बैठक के बाद 5 अगस्त को RBI गवर्नर ब्याज दरों और मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे. बाजार को उम्मीद है कि RBI इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. हालांकि, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आगे ब्याज दरों और लिक्विडिटी को लेकर RBI का क्या रुख रहता है.

2. Q1 Results तय करेंगे कई शेयरों की दिशा

इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अप्रैलजून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी. इनमें SBI, LIC, Bharti Airtel, ONGC, Nykaa, IREDA और Delhivery जैसी कंपनियां शामिल हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ मुनाफा ही नहीं बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति, मांग, मार्जिन और निवेश योजनाओं पर भी बाजार की नजर रहेगी.

3. USIran तनाव कम हुआ तो बाजार पर पड़ सकता है असर

मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संकेत मिल रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ‘डील की रूपरेखा’ पर सहमति बन गई है, अमेरिका और इज़राइल ने ‘हमला रद्द’ कर दिया है. अगर संघर्ष कम होता है तो इसका सीधा असर वैश्विक बाजारों और निवेशकों के सेंटिमेंट्स पर पड़ सकता है. साथ ही तेल की सप्लाई फिर शुरू होने की उम्मीद बढ़ सकती है. इसी वजह से निवेशक इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेंगे.

4. कच्चे तेल की कीमतें रहेंगी अहम

वैश्विक तनाव के बीच जुलाई में ब्रेंट क्रूड करीब 24% और WTI करीब 21% महंगा हुआ. अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है. हालांकि, अमेरिकाईरान समझौते की वजह से अगर हालात सुधरते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर से नरमी आ सकती है. इसके अलावा संकेत मिले हैं कि होर्मुज स्ट्रेट में तेल सप्लाई फिर से बढ़ रही है. जो वैश्विक तेल बाजार के लिए अच्छे संकेत हो सकते हैं.

5. FII और DII की खरीदबिक्री

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सप्ताह लगातार चौथे कारोबारी दिन भारतीय बाजार में खरीदारी की. 31 जुलाई को FIIs ने 277 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,260 करोड़ रुपये का निवेश किया. विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली पिछले कुछ महीनों में लगातार कम हुई है. अगर यह रुझान जारी रहता है तो भारतीय बाजार को आगे भी मजबूती मिल सकती है.

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