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पति और सहेली के बीच चल रहा था रिश्ता? कॉल रिकॉर्ड, चैट और CCTV फुटेज ने खोले कई अहम राज..

पति और सहेली के बीच चल रहा था रिश्ता? कॉल रिकॉर्ड, चैट और CCTV फुटेज ने खोले कई अहम राज..

Darbhanga BDO Wife Death Case: बिहार के दरभंगा जिले में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है. शुरुआती दौर में यह मामला दहेज हत्या के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा था, लेकिन अब जांच का केंद्र कथित प्रेम संबंध, डिजिटल साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी जानकारी बन गई है. मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस मामले में BDO मनोज कुमार के साथ बेगूसराय में तैनात ASI अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया था. दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से मनोज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि ASI अनु कुमारी को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया.

मोबाइल चैट और कॉल डिटेल ने बदली जांच की दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कई तकनीकी साक्ष्य सामने आए हैं. इनमें मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और CCTV फुटेज शामिल हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में दोनों ने कई सवालों के जवाब में इनकार किया, लेकिन जब उन्हें तकनीकी सबूत दिखाए गए तो दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क और कथित रिश्ते से जुड़े तथ्य सामने आए. जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका अमृता कुमारी की मौत से कोई सीधा संबंध है या नहीं.

परिजनों का आरोप- रिश्ते का विरोध करती थीं अमृता

मृतका अमृता कुमारी के भाई राजकुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अमृता को अपने पति मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी के कथित रिश्ते की जानकारी हो गई थी. परिवार का आरोप है कि अमृता इस संबंध का लगातार विरोध करती थीं. इसी वजह से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. शिकायत में यह भी कहा गया है कि दहेज की मांग और कथित रिश्ते का विरोध करने के कारण अमृता को जहर देकर मार दिया गया. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

मौत वाले दिन दोनों के पटना में होने की जांच

पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. सूत्रों के अनुसार अमृता कुमारी की मौत वाले दिन BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी कथित रूप से पटना में मौजूद थे. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं. उस दिन की लोकेशन हिस्ट्री, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना वाले दिन किन-किन लोगों से बातचीत हुई और घटनाक्रम के दौरान कौन-कौन संपर्क में था.

वीडियो कॉल रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि अमृता को मौत वाले दिन वीडियो कॉल किए गए थे. पुलिस अब वीडियो कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

कॉम्पिटिशन की तैयारी के दौरान हुई थी पहचान

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मनोज कुमार और अनु कुमारी की पहचान मुजफ्फरपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान हुई थी. समय के साथ दोनों के बीच संपर्क बना रहा. दूसरी ओर अमृता और अनु कुमारी भी कॉलेज की सहेलियां बताई जा रही हैं. दिसंबर 2022 में मनोज कुमार और अमृता की शादी हुई थी, लेकिन पुलिस का कहना है कि शादी के बाद भी मनोज और अनु के बीच बातचीत और संपर्क जारी रहा. यही वजह है कि पुलिस इस रिश्ते के पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है.

CCTV फुटेज ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक CCTV फुटेज भी लगा है. अधिकारियों के अनुसार फुटेज में अमृता के साथ मारपीट दिखाई देने का दावा किया गया है. इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कई अन्य पहलुओं की जांच शुरू की है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और CCTV फुटेज में कुछ अन्य नामजद आरोपी भी दिखाई दे रहे हैं. इन लोगों की पहचान और भूमिका को लेकर जांच जारी है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

गायब मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप की तलाश

पुलिस की जांच अब अमृता कुमारी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी केंद्रित हो गई है. मृतका के परिजनों का आरोप है कि अमृता के दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप में प्रताड़ना और पूरे घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मौजूद थे. उनका दावा है कि इन उपकरणों को गायब कर दिया गया है. पुलिस तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से इन उपकरणों की तलाश कर रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन डिवाइसों से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं.

मोबाइल फोन की होगी फॉरेंसिक जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी के मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. विशेषज्ञ कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच करेंगे. इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले और बाद में क्या गतिविधियां हुई थीं.

परिवार के अन्य सदस्य भी नामजद

इस मामले में केवल BDO मनोज कुमार ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, भाई और बहन को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. जांच एजेंसियां सभी पक्षों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट का मिलान कर रही हैं.

इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर टिकी पूरी जांच

फिलहाल यह मामला केवल पारिवारिक विवाद या दहेज उत्पीड़न तक सीमित नहीं रह गया है. मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, वीडियो कॉल, फॉरेंसिक जांच और गायब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अब जांच के सबसे अहम आधार बन चुके हैं. पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच पूरी होने, फॉरेंसिक रिपोर्ट आने और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी. फिलहाल जांच कई स्तरों पर जारी है और हर नए साक्ष्य के साथ मामला और भी संवेदनशील होता जा रहा है.

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