Satya Report: सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया संकट के बीच कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है. एक अधिकारी ने बताया कि कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने इन चूल्हे को और अधिक किफायती बनाने के लिए इन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की सिफारिश भी की है. पश्चिम एशिया संकट ने हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही को बाधित कर दिया है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इसके चलते लोग इंडक्शन यानी इलेक्ट्रिक चूल्हे और इसके अनुकूल बर्तन खरीद रहे हैं.

डीपीआईआईटी की सलाह
इंडक्शन कुकटॉप सेक्टर में डिमांड और सप्लाई की चुनौतियों से निपटने और सप्लाई एवं कीमतों को स्थिर करने के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर हितधारकों के साथ परामर्श किया है. सरकार ने इस क्षेत्र के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें कुछ बिजली उपकरणों पर अनिवार्य क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ) के कार्यान्वयन की समय सीमा को छह महीने बढ़ाकर अक्टूबर 2026 तक करना शामिल है. अनिवार्य ऊर्जा दक्षता समय सीमा को भी आगे बढ़ाया गया है. डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने कहा कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने मौजूदा संकट के बीच ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक और सुरक्षा उपाय किए हैं. .
सीएनजी और सीबीजी स्टेशनों के आवेदनों का निपटारा
उन्होंने कहा कि कंप्रेस्ड प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) स्टेशनों के सभी लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है. इसमें 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) डिस्पेंसिंग स्टेशनों के लिए आए सभी 467 आवेदनों का निपटारा करना शामिल है. उन्होंने बताया कि 467 मामलों में से 157 मामलों में अंतिम लाइसेंस दिए गए और 38 मामलों में नए CNG/CBG डिस्पेंसिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए पहले से मंज़ूरी दी गई. उन्होंने आगे कहा कि मार्च से अब तक 41 बायोगैस सिलेंडर भरने और भंडारण संयंत्रों को मंज़ूरी दी गई है, और उसके बाद 14 संयंत्रों को लाइसेंस जारी किए गए हैं.
एलएनजी को लेकर गाइडलाइंस
सुपीरियर केरोसिन ऑयल के लिए अस्थायी भंडारण में छूट दी गई है, और 2,500 लीटर तक के भंडारण की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा कि विकेंद्रीकृत LNG आपूर्ति को बढ़ावा देने और किसी भी रुकावट के दौरान ईंधन की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए क्रायोजेनिक सिलेंडरों में LNG भरने की अनुमति देने वाले दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. PESO द्वारा उठाए गए अन्य कदमों में पोरबंदर जेटी पर LPG उतारने की अनुमति देना, और डिस्पेंसिंग स्टेशनों को तेज़ी से चालू करने के लिए CNG/CBG कंप्रेसर की मंज़ूरी की ज़रूरतों से छह महीने की अस्थायी छूट देना शामिल है.
ये भी दिए थे आदेश
इसके अलावा, केसरवानी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक पहल लागू की गई हैं. ज़मीन की कमी की समस्या को हल करने और गैस वितरण के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए CNG/CBG स्टेशनों पर ‘डिस्ट्रिक्ट प्रेशर रेगुलेटिंग स्किड्स’ लगाने के लिए पिछले महीने दिशानिर्देश जारी किए गए थे. साथ ही दूरदराज या बिना पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को आसान बनाने के लिए क्रायोजेनिक सिलेंडरों में ‘लिक्विफाइड नेचुरल गैस’ (LNG) भरने के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए गए थे. 2 अप्रैल को रात के समय काम करने की अनुमति देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए थे, विशेष रूप से LPG बॉटलिंग संयंत्रों के लिए. इससे काम करने के घंटे बढ़ेंगे, जिससे उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी.



