जालंधर पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ मैडीकल साइंसेस में करीब 500 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चाहे वह मशीनों की खरीद हो, निर्माण कार्य हो, बड़े पदों से लेकर नीचे तक भर्ती हो और वीसी की नियुक्ति हो यूनिवर्सिटी के हर सैक्शन में घोटाला हो रहा है। आरएसएस की बैकग्राउंड वाले वीसी राजीव सूद को अरविंद केजरीवाल ने यूनिवर्सिटी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मदद से फिट कराया है। परगट सिंह ने बताया कि उनके विधानसभा में मुद्दे उठाने के बाद यूनिवर्सिटी में 200 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किया गया है।

जालंधर कांग्रेस भवन में पत्रकारों से इस घोटाले के संबंध में प्रेसवार्ता के दौरान परगट सिंह ने कई दस्तावेज भी पेश किए और इन घोटालों की जांच के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी भाजपा की बीटीम नहीं है तो वह यूनिवर्सिटी में चल रहे घोटालों की निष्पक्ष और पूरी जांच कराए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। साथ ही इसकी जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाए। इस मौके पर उनके साथ 10 साल तक यूनिवर्सिटी में रह चुके कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. मनजीत सिंह ने भी घोटालों का खुलासा किया। इन घोटाले की ऑनलाइन शिकायतों के बाद जब विजिलेंस टीम यूनिवर्सिटी पहुंची तो वहां के विधायक ने अंदर ही नहीं घुसने दिया। सीएम मान की नाक के तले यह घोटाले हो रहे हैं।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि वीसी राजीव सूद ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम एक निजी कंपनी को बिना टेंडर के अलॉट कर दिए। इसमें अभी 2530 फीसदी काम हुआ और कंपनी को पूरी 100 करोड़ की पेमैंट दे दी गई। वहीं एक स्कैन मशीन 55 करोड़ रुपए की खरीदी गई, जिसकी बाजार में कीमत 35 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं है। एक साल बाद भी वह इंस्टाल नहीं हुई है। उसका पेमैंट रिलीज कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि पीजीआई ने जो एमआरआई मशीन 19 करोड़ रुपए में खरीदी, वहीं मशीन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने 29 करोड़ रुपए में खरीदी। इसी तरह आईसीयू के करीब 80 से 100 बैड जिसकी कीमत 1.80 लाख थी, उसे 4.75 हजार प्रति बैड खरीदा। अभी भी उन्हें इस्तेमाल किया गया है। 90 लाख का एसटीपी बिना टेंडर और मंजूरी के लगाया गया। इतना ही नहीं दो करोड़ रुपए लागत की कैंसर बीमारी की दवाइयां कचरे में फैंक दी।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि सेहत मंत्री बलबीर सिंह का खासमखास साथी यूनिवर्सिटी के प्रभदेव सिंह बराड़ की पत्नी डॉ. बलविंदर कौर बराड़ यूनिवर्सिटी के साथसाथ पटियाला कालेज से दो जगह सैलरी निकलवा रही थी। हाईकोर्ट ने 60 लाख रुपए की रिकवरी भी डाली थी। अभी तक यूनिवर्सिटी ने एक पैसा रिकवर नहीं किया है।
इसी तरह यूनिवर्सिटी में आम आदमी पार्टी से जुड़े मंत्री से लेकर अन्य नेताओं ने अपने परिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों को नौकरियां दिलवा रखी हैं। इनमें प्रमुख तौर पर कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर का नाम है, जिन्होंने अपनी भाभी को असिस्टेंट प्रोफेसर रखवाया हुआ है। इसी तरह फरीदकोट जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन सुखजीत सिंह ढिलवां की पत्नी को सहायक एसोसिएट प्रोफेसर, मुक्तसर जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह की कौणी की पत्नी को लॉ अफसर, फरीदकोट नगर कौंसिल के प्रधान बबबू आहूजा की बहु को नौकरी दी गई है। आप के लोकसभा इंचार्ज विजय छाबड़ा की भतीजी का नाम भी शामिल है। इतना ही नहीं अमरीक सिंह को सीनियर सहायक एकाउंट्स के पद पर तैनात किया हुआ है, जो पद मौजूद ही नहीं है।
कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. मनजीत सिंह ने भी यूनिवर्सिटी में हो रही घोटालों की लंबी फेहरिस्त गिनवाई। उन्होंने घोटालों की चल रही जांच के दस्तावेज भी दिखाए। उन्होंने कुछ लोगों को वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में इन सभी घोटालों की जांच होनी चाहिए। इस मौके पर जिला कांग्रेस प्रधान और पूर्व विधायक राजिंदर सिंह और जिला यूथ प्रधान अंगद दत्ता व अन्य मौजदू रहे।



