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​बरेली में SDM के बिगड़े बोल, भोजन की लाइन में खड़े टीचरों को कहा- भूखे-नंगे कुत्ते… मचा बवाल

Bareilly News: बरेली की आंवला तहसील में राष्ट्रीय जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षकों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि आंवला के एसडीएम सुशील मिश्रा ने दोपहर में भोजन के पैकेट लेने के लिए लाइन में खड़े टीचरों को देखकर अपना आपा खो दिया. उनके लिए “भूखेनंगे कुत्ते” जैसे अपमानजनक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया. अधिकारी की इस भाषा से भड़के सैकड़ों शिक्षकों ने तुरंत जनगणना की ट्रेनिंग रोक दी. देर रात बड़ी संख्या में शिक्षक बरेली शहर के दामोदर स्वरूप पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और जिलेभर में जनगणना कार्य के बहिष्कार का ऐलान कर दिया.

​बरेली में SDM के बिगड़े बोल, भोजन की लाइन में खड़े टीचरों को कहा- भूखे-नंगे कुत्ते… मचा बवाल

आंवला तहसील क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में जनगणना कार्य के लिए प्रगणक बनाए गए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा था. गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे जब शिक्षक तय व्यवस्था के अनुसार भोजन के पैकेट लेने के लिए लाइन में खड़े थे, तभी SDM आंवला सुशील मिश्रा वहां पहुंचे.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, SDM ने कतार में खड़े शिक्षकों को देखकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “भूखेनंगे कुत्ते कहांकहां से आ जाते हैं…”. शिक्षकों ने कहा कि वे कोई मुफ्त का खाना खाने नहीं आए हैं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने पहुंचे हैं. शिक्षकों ने मौके पर ही प्रशिक्षण रोककर एसडीएम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.

प्राथमिक शिक्षक संघ का डीएम को ज्ञापन, निलंबन और कार्रवाई की मांग

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शन करते हैं. किसी जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा शिक्षकों को कुत्ता और भूखानंगा कहना पूरे शिक्षक समुदाय का घोर अपमान है. शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम आंवला के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है.

रात भर दामोदर स्वरूप पार्क में डटे शिक्षक, जनगणना ठप होने की आशंका

आंवला से निकलकर जिलेभर के शिक्षक रात में बरेली के दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे और धरने पर बैठ गए. शिक्षक नेताओं का साफ कहना है कि जब तक SDM सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और उन पर गाज नहीं गिरती, तब तक कोई भी शिक्षक जनगणना ड्यूटी में शामिल नहीं होगा. पूरे विवाद और आरोपों पर एसडीएम आंवला सुशील मिश्रा का पक्ष जानने के लिए जब उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की.

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