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अंतिम संस्कार के बाद घर में चल रहा था शांति पाठ, तभी दरवाजे पर पहुंचा ‘मृत’ शख्स! परिवार के उड़े होश

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने परिवार और पुलिस दोनों को सकते में डाल दिया। जिस शख्स को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वही अचानक जिंदा घर लौट आया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब वह घर पहुंचा, तब उसके नाम का शांति पाठ चल रहा था। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था?

मामला अजीतमल कोतवाली क्षेत्र का है। हाईवे किनारे करीब 40 साल के एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसकी पहचान के लिए तस्वीरें सार्वजनिक कीं। इसके बाद एक परिवार ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में कर दी। पहचान के आधार पर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

इधर, जिस शख्स को मृत समझा जा रहा था, उसकी पत्नी को यकीन था कि उसका पति अभी जिंदा है। अंतिम संस्कार की खबर मिलने के बाद उसने उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जिससे पहले उसके पति की बातचीत होती थी। फोन पर पति की आवाज सुनते ही उसके होश उड़ गए। उसने पूरी घटना बताई और तुरंत घर लौटने के लिए कहा।

दरअसल, वह शख्स काफी समय से घर से बाहर रह रहा था। पहले उसने पंजाब में काम किया, फिर ट्रक पर हेल्पर की नौकरी की और बाद में ग्वालियर में प्लंबर का काम करने लगा। कुछ समय पहले वह अपनी ससुराल भी गया था, लेकिन वहां किसी के न मिलने पर वापस ग्वालियर लौट गया।

पत्नी की बात सुनने के बाद वह गांव पहुंचा। संयोग से उस वक्त घर में उसी के नाम का शांति पाठ चल रहा था। जैसे ही परिवार और ग्रामीणों ने उसे दरवाजे पर जिंदा खड़ा देखा, हर कोई हैरान रह गया। कुछ देर तक किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि जिसे मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह सामने जिंदा खड़ा है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शख्स तथा उसकी पत्नी से पूछताछ की। अब पुलिस उस शव की पहचान दोबारा कराने में जुटी है, जिसका अंतिम संस्कार परिवार ने अपने सदस्य के रूप में किया था।

सबसे बड़ा रहस्य यही है कि आखिर हाईवे किनारे मिला वह शव किसका था और परिवार ने उसकी पहचान गलत कैसे कर दी? इस सवाल का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।

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