भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हरे निशान में हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में असमर्थ रहने के बाद बाजार में बिकवाली हावी हो गई और दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स फिसल गए। बीते सत्र की जोरदार तेजी के बाद आज के शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने शुरुआती उच्च स्तरों से नीचे लुढ़क गए।

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार की ओपनिंग सकारात्मक रही। बीते सत्र में 77,537.72 के स्तर पर बंद होने वाला बीएसई सेंसेक्स आज उछाल के साथ 77,701.07 के स्तर पर खुला। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी पिछले सत्र के 24,231.85 के बंद स्तर से बढ़त बनाते हुए 24,284.05 के स्तर पर खुला। बाजार खुलने के शुरुआती पलों में सेंसेक्स में 100 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई और निफ्टी भी 24,230 के आंकड़े को पार कर गया था। हालांकि, यह शुरुआती उत्साह ज्यादा देर टिक नहीं पाया और कुछ ही समय बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हो गई।
सुबह 9 बजकर 45 मिनट के अपडेट के अनुसार, सेंसेक्स में 0.08 फीसदी की मामूली तेजी बनी हुई थी और यह 63.80 अंक चढ़कर 77,601.52 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 0.06 फीसदी की हल्की बढ़त के साथ 13.85 अंक ऊपर 24,245.70 के स्तर पर ट्रेड करता हुआ नजर आया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 21 शेयरों में हरियाली छाई थी, जबकि 9 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती मिनटों में सनफार्मा और इटरनल जैसे शेयरों में सबसे अधिक 0.73 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा कोटक बैंक, अडाणी पोर्ट्स, टाइटन, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और पावरग्रिड के शेयर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
इसके विपरीत, गिरावट का सामना करने वाले प्रमुख शेयरों में इन्फोसिस में 0.73 फीसदी की कमजोरी आई। साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी लाल निशान के साथ कारोबार दर्ज किया गया। बाजार जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, विशेषकर अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में रात भर हुई गिरावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है, जिसके चलते बाजार में यह उतारचढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे के भीतर ही कारोबार करता नजर आ सकता है।



