
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में कैमरा ऑन मोबाइल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि मोबाइल को बाथरूम में इस तरह रखा गया था कि वहां आने वाली छात्राओं की रिकॉर्डिंग हो सके। शिकायत के बाद पुलिस ने हॉस्टल की महिला वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज कर मोबाइल को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अब मोबाइल की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें क्या रिकॉर्ड हुआ था और फोन बाथरूम में किस उद्देश्य से रखा गया था।
बाथरूम में टीन शेड पर रखा मिला मोबाइल
मामला गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर इलाके का है। यहां एक गर्ल्स हॉस्टल में अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाली और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं रहती हैं।
बताया गया है कि 8 सितंबर की रात एक छात्रा बाथरूम गई थी। इसी दौरान उसकी नजर टीन शेड पर रखे एक मोबाइल फोन पर पड़ी। फोन को देखकर छात्रा को शक हुआ।
उसने पहले अपने फोन से उस मोबाइल की तस्वीर/रिकॉर्डिंग की और फिर हॉस्टल की अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी।
कैमरा बाथरूम की तरफ होने का आरोप
छात्राओं का आरोप है कि मोबाइल एंड्रॉयड फोन था और उसका कैमरा चालू था। उनका दावा है कि फोन का कैमरा बाथरूम के अंदर की तरफ रखा गया था।
मामले की जानकारी हॉस्टल की दूसरी छात्राओं को मिलते ही वहां हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद पुलिस को डायल 112 के जरिए सूचना दी गई।
हालांकि, मोबाइल में वास्तव में कितनी रिकॉर्डिंग मौजूद थी और उसमें क्या-क्या रिकॉर्ड हुआ था, इसकी पुष्टि पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल में कई वीडियो मिलने का दावा
छात्राओं ने दावा किया कि मोबाइल की जांच करने पर उसमें कुछ छात्राओं के बाथरूम से जुड़े वीडियो दिखाई दिए। उनका कहना है कि करीब 5-6 छात्राओं की रिकॉर्डिंग होने की आशंका है।
पुलिस ने शिकायत के बाद मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है। अब फोन की जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि उसमें कोई वीडियो मौजूद है या नहीं और अगर रिकॉर्डिंग हुई थी तो वह कब और कैसे की गई।
वार्डन का बताया जा रहा मोबाइल
सूचना मिलने के बाद पीआरवी और कैंट थाना पुलिस देर रात हॉस्टल पहुंची। पुलिस ने छात्राओं के साथ-साथ हॉस्टल की महिला वार्डन से भी पूछताछ की।
जांच के दौरान मोबाइल वार्डन का बताया गया। पुलिस ने फोन जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी।
वहीं वार्डन ने मोबाइल बाथरूम में रखने के पीछे अलग वजह बताई है। उसका कहना है कि बाथरूम के पास सैनिटरी पैड डालने के लिए डस्टबिन रखा गया था, लेकिन कुछ छात्राएं कथित तौर पर उसका सही इस्तेमाल नहीं करती थीं। इसी वजह से यह पता लगाने के लिए मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड में रखा गया था कि गंदगी कौन फैला रहा है।
वार्डन ने किसी गलत इरादे से रिकॉर्डिंग करने के आरोप से इनकार किया है।
छात्राओं ने परिवार को भी दी जानकारी
घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने अपने परिवार वालों को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस अब मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के अलावा हॉस्टल में लगे अन्य कैमरों और संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के मुताबिक, छात्राओं की शिकायत के आधार पर महिला वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वार्डन से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
एसपी सिटी के मुताबिक, जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल में कथित तौर पर मौजूद रिकॉर्डिंग कब की है और क्या इससे पहले भी ऐसी कोई रिकॉर्डिंग की गई थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में बताए गए आरोप छात्राओं की शिकायत और पुलिस जांच में सामने आई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। मोबाइल में मौजूद रिकॉर्डिंग और घटना की वास्तविक स्थिति की पुष्टि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।



