
पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सौतन आए दिन पति को मारपीट के लिए उकसाती थी. दोनों महिलाओं में तनाव रहता था जिसके खिलाफ पहली पत्नी ने 6 महीने पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी. सौतन की हत्या करके महिला खून से लथपथ साड़ी बदलने खेतों की तरफ भी गई थी और हत्या के सबूत घर पर ही छिपा दिए थे.
खाट के पाए से दी ‘तालिबानी’ सजा, फिर गन्ना काटने वाली आरी से रेत डाली सौतन की गर्दन; हत्या के बाद सबूत मिटाने खेत में… पुलिस के सामने खुली पोल!
छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला की अपनी सौतन से बदला लेने की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. मामला नेवारीकला गांव का बताया जा रहा है जहां पहली पत्नी ने दूसरे कमरे में सोई अपनी सौतन को पहले खाट के पाए से दर्दनाक प्रताड़नाए दीं, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया. महिला पिछले 6 महीने से अपने सौतन से बदला लेने का प्लान बना रही थी. जब साजिश कामयाब रही तो हत्या के सबूत मिटाने के लिए भागकर खेत में गई और खून से लथपथ कपड़े बदलकर वापस घर आ गई. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर सारे सबूतों को जब्त कर लिया है.
पांच साल पहले पति ने की थी दूसरी शादी
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवारीकला निवासी 40 वर्षीय चिम्मनलाल साहू ने प्रेम संबंधों के चलते 47 साल की दयाबाई सोनकर से 2019 में शादी कर ली. पांच साल पहले पति अपनी प्रेमिका को घर ले आया जिससे दूसरी पत्नी नाराज रहने लगी. मन ही मन उसके दिल में बदले की भावना पनपने लगी. पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि सौतन दया बाई आए दिन पति को पहली पत्नी के खिलाफ उकसाती थी. आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर पहली पत्नी अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दयाबाई को खत्म करने का प्लान बना लिया था.
शराब के नशे में सोया पति, सौतन को उतारा मौत के घाट
पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि 29 जून को पति चिम्मनलाल शराब के नशे में धुत घर आया था. देर रात, जब सौतन को दूसरे कमरे में अकेले पाया तो अमृत बाई चापराई का टूटा हुआ पाया लेकर चुपचाप कमरे में घुंसी और बेरहमी से कई बार जानलेवा बार करके अधमरा कर दिया. सौतन को बदहवास हालत मे छोड़कर अमृत बाई दोबारा कमरे के बाहर गई और गन्ना काटने वाली आरी लाकर सौतन के गले को 4 बार रेता डाला, जिससे सौतन दया बाई की मौत हो गई.
खेत में छिपाए हत्या के सबूत
सौतन की हत्या के बाद अमृत बाई ने सबसे पहले बिस्तर के नीचे सबूत छिपाए और खून से लथपथ साड़ी को बदलने के लिए खेत की ओर भागी. रात को जब पति की नींद खुली को पत्नी अमृत बाई को पास न पाकर दूसरे कमरे में पहुंचा जहां पहले ही दया बाई अपनी चारपाई पर लहूलुहान पड़ी थी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में शोर-शराबा हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी. इधर अमृत बाई खेत में मोबाइल बंद करके वापस लौट आई.
पूछताछ में कबूला जुर्म
इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मामले की जांच-पड़ताल की. परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की. साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने भी चारपाई के नीचे से अमृत बाई द्वारा छिपाए गए सबूत बरामद किए. दूसरी तरफ अमृतबाई बालोद थाने पहुंती और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया. पूछताछ से सामने आया कि दया बाई के पहले से दो विवाहित बेटे हैं और उनके भी बच्चे हैं. इसके बावजूद 5 साल पहले पति से दूसरी शादी कर ली और घर ले आए. दोनों महिलाओं के बीच आए दिन झगड़ा और तनाव बना रहता था. पति चिम्मनलाल ने पुलिस में पहली पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज करके अमृत बाई को रिमांड पर भेज दिया है.



