अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। इस अहम और बड़ी जिम्मेदारी के लिए 5,300 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से स्क्रीनिंग कमेटी ने छंटनी के बाद 18 नामों पर मुहर लगाई है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को मंदिर परिसर में ही इन सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों का अच्छा अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को इस पद के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है।

ये दिग्गज पैनल लेगा इंटरव्यू, प्रशासन की होगी जिम्मेदारी
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू एक विशेष पैनल द्वारा लिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस चयन समिति में पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष व वैज्ञानिक सुरेश हावरे शामिल हैं। चुने गए नए सीईओ की सबसे मुख्य जिम्मेदारी राम मंदिर के प्रशासन, दिनप्रतिदिन के मामलों और वित्तीय व व्यावसायिक गतिविधियों की उचित देखरेख करना होगा।
शुद्ध शाकाहारी और हिंदू होना अनिवार्य, ये है उम्र सीमा
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए कुछ सख्त नियम और धार्मिक शर्तें भी तय की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, यह स्पष्ट किया गया है कि चयनित उम्मीदवार का हिंदू होना अनिवार्य है और उसे हिंदू परंपराओं व दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने वाला होना चाहिए। इसके अलावा, उम्मीदवार का शुद्ध शाकाहारी और पूरी तरह से नशामुक्त होना भी जरूरी है। इस अहम पद के लिए उम्मीदवार की उम्र सीमा 50 से 70 वर्ष के बीच तय की गई है।
चंदे में गबन का मामला सामने आने के बाद लिया गया था फैसला
गौरतलब है कि जून के पहले सप्ताह में राम मंदिर के चंदे में गबन का एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसके बाद ही ट्रस्ट के अधिकारियों ने पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक सीईओ नियुक्त करने का फैसला किया था। चंदा चोरी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच दल का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और भारी नकदी बरामद की थी, जिसमें से अकेले अविनाश शुक्ला नाम के आरोपी से 20.39 लाख रुपये की सबसे बड़ी रिकवरी हुई थी।


