
डायबिटीज होने के बाद खानपान को लेकर कई तरह के सवाल मन में आते हैं। इनमें एक सवाल यह भी है कि क्या ब्लड शुगर वाले लोगों को दूध पीना चाहिए या फिर इससे पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।
दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं इसमें प्राकृतिक रूप से लैक्टोज नामक कार्बोहाइड्रेट भी मौजूद होता है, इसलिए दूध का सेवन ब्लड शुगर पर कुछ प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, केवल डायबिटीज होने की वजह से हर व्यक्ति को दूध पूरी तरह बंद करने की जरूरत हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
दूध ब्लड शुगर को कैसे प्रभावित कर सकता है?
दूध में मौजूद लैक्टोज पाचन के दौरान ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूटता है। इसलिए दूध में मौजूद कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है।
दूसरी ओर, दूध में मौजूद प्रोटीन और फैट इसके पाचन और शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दूध पीने के बाद ब्लड शुगर में होने वाला बदलाव हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।
मात्रा, दूध का प्रकार, व्यक्ति की दवाइयां, कुल खानपान और शारीरिक गतिविधि जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।
डायबिटीज में कितना दूध पीना चाहिए?
दूध की कोई एक मात्रा सभी डायबिटीज मरीजों के लिए तय नहीं की जा सकती। करीब एक गिलास दूध कुछ लोगों की डाइट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन सही मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और उसकी



