
पंजाब में विधानसभा चुनाव से कुछ महीनों पहले, मुख्यमंत्री भगवंत मान को तगड़ा झटका लगा है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, श्री अकाल तख्त ने भगवंत मान को गुरु दोषी और पंथ विरोधी करार दिया है। अकाल तख्त ने भगंवत मान को गुरु ग्रंथ साहिब और श्री गुरु साहिबान की बेअदबी का दोषी पाया था जिसके बाद उन्हें ये सजा सुनाई गई है। अकाल तख्त ने सिख समुदाय से कहा है कि वो भगंवत मान से कोई संबंध न रखें। आइए जानते हैं कि क्या है ये विवाद और इस पर सीएम भगवंत मान ने क्या कहा है।
क्या है पूरा विवाद?
असल में कुछ महीनों पहले एक वीडियो सामने आया था जिसमें भगवंत मान जैसा दिख रहा एक शख्स, श्री गुरु साहिबान की बेअदबी करता दिखा था जिसके बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को तलब किया था। भगवंत मान इसी साल 15 जनवरी को अकाल तख्त के सामने पेश हुए थे जिसमें अकाल तख्त के जत्थेदारों ने उनसे इस वीडियो के बारे में पूछा था। भगवंत मान ने कहा था कि ये वीडियो AI-जेनरेटेड है जिसके बाद अकाल तख्त ने उनसे पूछा था कि इसकी किस लैब से जांच कराई जाए। भगवंत मान से कोई जवाब नहीं मिलने पर, अकाल तख्त ने खुद ही दो अलग-अलग सेंट्रल फोरेंसिक लैब्स से इस वीडियो की जांच कराई जिसमें वीडियो को असली पाया गया जिसके बाद, भगवंत मान को गुरु दोषी और सिख पंथ का विरोधी घोषित किया गया।
भगवंत मान ने क्या कहा?
हालांकि, आम आदमी पार्टी, श्री अकाल तख्त के फैसले को भगवंत मान से साजिश बता रही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान, मुख्यमंत्री के तौर पर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसीलिए उनको फंसाया जा रहा है। भगवंत मान ने भी श्री अकाल तख्त के फैसले को नाइंसाफी बताया है। भगवंत मान ने फिर दोहराया कि वो बेकसूर हैं। जिस वीडियो को उनका बताया जा रहा है वो डॉक्टर्ड है, उससे छेड़-छाड़ की गई है। वो तो गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु साहिबान की बेअदबी की सोच भी नहीं सकते। भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर वो पंजाब की जनता की भलाई के लिए अच्छे अच्छे फैसले ले रहे हैं। इसीलिए, उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के हुक्म को एक सियासी फैसला बताया है। मान ने कहा कि अकाल तख्त पहले भी राजनीतिक फैसले लेता रहा है क्योंकि उसमें अकाली दल जैसे संगठनों की दखलंदाजी है।
श्री अकाल तख्त से न उलझें मान- SGPC
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भगवंत मान को, श्री अकाल तख्त से नहीं उलझने की चेतावनी दी है। SGPC के मेंबर गुरुचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल हों, सुरजीत सिंह बरनाला हों, पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह हों या फिर पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, सबने श्री अकाल तख्त के आगे सिर झुकाया, उसका फैसला माथे पर लगाया। भगवंत मान भी ऐसा ही कर लें, तो उनके लिए अच्छा होगा।
‘धर्म का इस्तेमाल सियासत के लिए न हो’
इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने आज की बात में कहा कि “आज के जमाने में ये साबित करना बड़ा मुश्किल है कि वीडियो असली है या नकली और ये बात थोड़ी मुश्किल लगती है कि भगवंत मान गुरु ग्रंथ साहिब और साहेबान की बेअदबी करेंगे। भगवंत मान में लाख कमियां हो सकती हैं लेकिन इतना तो वो भी समझते हैं कि पंजाब में मुख्यमंत्री रहकर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करना कितना बड़ा पाप होगा और ये मामला कितना बड़ा मुद्दा बनेगा। इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मामला धर्म से जुड़ा है और धर्म का इस्तेमाल सियासत के लिए नहीं करना चाहिए।”



