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​हाथ जोड़े, पुलिस के सवालों पर चुप्पी… क्या छिपा रही श्रद्धा दुबे, प्यार की कहानी या शिवा की मौत का रहस्य?

Shiva Sharma Death Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अब पुलिस की विस्तृत पूछताछ और फॉरेंसिक जांच के सहारे सुलझाने की कोशिश की जा रही है. मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया. गुरुवार को हजरतगंज कोतवाली में तीनों से अलगअलग पूछताछ की गई. इसके बाद मेडिकल जांच कराकर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. इस दौरान जब मीडिया के कैमरों पर नजर पड़ी तो श्रद्धा ने हाथ जोड़ लिए.

​हाथ जोड़े, पुलिस के सवालों पर चुप्पी… क्या छिपा रही श्रद्धा दुबे, प्यार की कहानी या शिवा की मौत का रहस्य?

अब लखनऊ पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 9 अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर हुई शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी साजिश व अपराध की भूमिका है? श्रद्धा अपने बयान में शिवा के खुदकुशी करने की बात कह रही है, जबकि शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई है. अब पुलिस घटना के दिन की परिस्थितियों, आरोपियों के बयानों, सीसीटीवी फुटेज, ऑडियोवीडियो और दूसरे साक्ष्यों का मिलान कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

हजरतगंज कोतवाली में 6 घंटे तक पूछताछ

नागपुर से लखनऊ लाई गई श्रद्धा दुबे गुरुवार सुबह हजरतगंज कोतवाली पहुंची. थाने में दाखिल होते समय वह चेहरा छिपाती नजर आई. उसने हाथ उठाकर मीडिया के कैमरों से बचने की कोशिश की. कोतवाली पहुंचने के बाद उसे DCP कार्यालय ले जाया गया, जहां मामले की जांच से जुड़ी टीमों ने उससे पूछताछ की. इस पूछताछ में डीसीपी, तीन एसीपी, एडीसीपी, एसटीएफ और अन्य संबंधित टीमों के अधिकारी शामिल रहे.

श्रद्धा के साथ आई उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश से भी अलगअलग पूछताछ की गई. पुलिस का मुख्य फोकस 9 अक्टूबर की शाम हुई घटना का क्रम समझने पर रहा. करीब 6 घंटे चली पूछताछ में तीनों से घटना के पहले, घटना के समय और उसके बाद की गतिविधियों को लेकर सवाल किए गए.

श्रद्धा के पास कहां से आया कैश?

सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रही थी. वह बारबार कहती रही कि उससे नहीं, उसके वकील से बात की जाए. उसने यह भी कहा कि वीडियो में जो बयान दिया है, वही सच है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों से पूछताछ में घटना को लेकर एक जैसी कहानी सामने आने की बात कही जा रही है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है. पूछताछ के दौरान पुलिस ने श्रद्धा से यह जानने की कोशिश की कि ATM से पैसे निकाले बिना और UPI का इस्तेमाल किए बगैर उसके पास कैश कहां से आया. इस सवाल पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया.

9 अक्टूबर की शाम आखिर हुआ क्या था?

शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6:45 बजे लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी. घटना के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि शिवा किन परिस्थितियों में नीचे गिरे और उस समय फ्लैट में मौजूद लोगों की क्या भूमिका थी? पुलिस ने पूछताछ के दौरान श्रद्धा से घटना वाली शाम का पूरा घटनाक्रम बताने को कहा. जांच का केंद्र यह है कि शिवा के फ्लैट से निकलने और नीचे गिरने के बीच क्या हुआ, उस वक्त श्रद्धा कहां थी और उसकी बहन रश्मि व ड्राइवर दानिश क्या कर रहे थे?

पुलिस की पूछताछ में इन सवालों पर विशेष जोर रहा…

  • घटना वाली शाम फ्लैट में कौनकौन मौजूद था?
  • शिवा के चौथी मंजिल से गिरने से ठीक पहले क्या हुआ था?
  • अगर शिवा ने आत्महत्या की तो श्रद्धा और उसके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी या नहीं?
  • घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई?
  • शिवा को अस्पताल ले जाने के बाद श्रद्धा वहां से क्यों चली गई?
  • घटना के बाद श्रद्धा ने सबसे पहले किसे फोन किया था?

इन सवालों के जवाब से पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना अचानक हुई, इसके पीछे पहले से कोई विवाद था या फिर घटनाक्रम को लेकर कोई तथ्य छिपाया जा रहा है.

प्यार, धोखा और बेवफाई के एंगल की भी होगी पड़ताल

इस मामले में शिवा और श्रद्धा के संबंधों को लेकर सामने आए ऑडियो, वीडियो और बयानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पुलिस को यह पता लगाना है कि दोनों के बीच संबंध कैसे थे, क्या उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था और यदि हुआ था तो उसका घटना से कोई संबंध था या नहीं. पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ श्रद्धा के बयान को दर्ज करना नहीं, बल्कि उसे दूसरे आरोपियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाना भी है.

ऑडियोवीडियो में कही गई बातों की सत्यता, उनकी समयसीमा और घटना से उनका संबंध जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे. जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि शिवा की मौत आत्महत्या थी या हत्या. पुलिस अभी किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय घटना की परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.

लखनऊ से फरारी, नेपालनागपुर तक की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस के सवाल सिर्फ 9 अक्टूबर की घटना तक सीमित नहीं रहे. जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि घटना के बाद श्रद्धा लखनऊ से कहां गई, नेपाल जाने और फिर वापस लौटने की परिस्थितियां क्या थीं और आखिर वह नागपुर कैसे पहुंची. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान श्रद्धा की किसने मदद की, नागपुर में उसे फ्लैट किसने उपलब्ध कराया और उसके खर्चों का इंतजाम कौन कर रहा था. पिछले 11 दिनों के दौरान आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की भी पड़ताल की जा रही है.

DCP सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, नागपुर से गिरफ्तार तीनों आरोपियों को लखनऊ लाकर विस्तृत पूछताछ की गई है. उनके पास से बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को सील कर दिया गया है. इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. फरारी के दौरान आरोपियों की मदद करने वालों के खिलाफ भी साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.

मेडिकल के बाद कोर्ट में पेशी, फिर जेल रवाना

कोतवाली में पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को एक ही वैन से लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंची. यहां करीब 35 मिनट तक उनकी मेडिकोलीगल जांच की गई. सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि पुलिस दो महिलाओं और एक पुरुष समेत तीन आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए लाई थी. पुलिस की मौजूदगी में तीनों की जांच की गई और सभी के स्वास्थ्य संबंधी मानक सामान्य पाए गए. मेडिकल के बाद तीनों को पुलिस अपने साथ ले गई.

इसके बाद श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलवान कुमार भारती की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. कोर्ट से बाहर निकलने के बाद श्रद्धा पुलिस वैन में बैठी तो उसने मीडिया के सामने हाथ जोड़ लिए. सुबह कोतवाली पहुंचते समय कैमरों से बचने की कोशिश करती दिखी श्रद्धा की यह तस्वीर दिनभर की कार्रवाई के बाद चर्चा में रही. कोर्ट परिसर से जेल तक तीनों आरोपियों को ले जाने के दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी.

अब रिमांड पर पूछताछ और फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज

तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भी पुलिस की जांच जारी रहेगी. मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत रिमांड लेकर पूछताछ करने की कोशिश कर सकती है. आने वाले दिनों में पुलिस के सामने तीन बड़ी चुनौतियां होंगी. पहली 9 अक्टूबर की शाम का घटनाक्रम स्पष्ट करना. दूसरी श्रद्धा, रश्मि और दानिश के बयानों का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से करना. तीसरी मोबाइल फोन, ऑडियोवीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाना कि घटना से पहले और बाद में क्याक्या हुआ था?

फिलहाल शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या हत्या? क्या प्यार और रिश्तों में विवाद की कहानी इस मामले की असली वजह है या इसके पीछे कोई और राज छिपा है? इसका जवाब केवल आरोपियों के दावों से नहीं, बल्कि बयानों की पुष्टि करने वाले ठोस साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच से ही सामने आएगा.

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