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​नोएडा में प्रदूषण फैलाने वालों पर एक्शन, 1.28 करोड़ का जुर्माना; 17 साइटों पर मिली गड़बड़ी

DelhiNCR Air Pollution: दिल्लीNCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच GRAP1 लागू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सख्ती बढ़ा दी गई है. एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार पहुंचने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी गई है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत संबंधित विभागों को प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय लागू करने और लगातार स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण साइटों और औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग की टीम लगातार अलगअलग जगहों पर निरीक्षण कर रही है, ताकि पर्यावरण के नियमों का पालन कराया जा सके.

​नोएडा में प्रदूषण फैलाने वालों पर एक्शन, 1.28 करोड़ का जुर्माना; 17 साइटों पर मिली गड़बड़ी

30 साइटों का निरीक्षण, 17 जगहों पर मिली गड़बड़ी

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोएडा क्षेत्राधिकार रितेश तिवारी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर के दौरान अब तक करीब 30 साइटों का निरीक्षण किया गया है. इनमें से 17 साइटों पर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया. इन मामलों में करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है. उन्होंने बताया कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विभाग की टीमें लगातार फील्ड में जाकर जांच कर रही हैं.

निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों में पर्यावरण से जुड़े नियमों के पालन की स्थिति देखी जा रही है. जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलता है, वहां संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाती है. विभाग का कहना है कि कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की जा रही है. इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और निर्माण कार्यों में प्रदूषण रोकने के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करना है.

RMC और हॉट मिक्स प्लांट पर 1.28 करोड़ का जुर्माना

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पुस्ता रोड के आसपास संचालित रेडी मिक्स कंक्रीट और हॉट मिक्स प्लांट पर भी कार्रवाई की है. रितेश तिवारी के मुताबिक, इन इकाइयों पर प्रदूषण फैलाने के मामलों में करीब 1.28 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है. RMC प्लांट में निर्माण कार्यों के लिए कंक्रीट तैयार किया जाता है, जबकि हॉट मिक्स प्लांट का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाता है. इन इकाइयों से निकलने वाली धूल और अन्य प्रदूषकों को नियंत्रित करना जरूरी है. विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी.

GRAP1 के तहत इन गतिविधियों पर रोक

GRAP1 लागू होने के बाद प्रदूषण कम करने के लिए कई उपायों पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत खुले में कूड़ा, प्लास्टिक और सूखे पत्ते जलाने पर रोक है. होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खानेपीने की दुकानों पर तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल को रोकने के उपाय भी लागू किए गए हैं. इसके अलावा सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और एंटीस्मॉग गन के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है. निर्माण स्थलों पर धूल को फैलने से रोकने के लिए भी निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है.

खराब सड़कों से उड़ने वाली धूल भी बढ़ा रही परेशानी

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोएडा में खराब सड़कों से उड़ने वाली धूल पर भी चिंता जताई है. रितेश तिवारी के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल उड़ती है, जो वायु प्रदूषण बढ़ाने में योगदान देती है. इस समस्या को लेकर नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से दोतीन बार बातचीत की जा चुकी है. संबंधित विभाग को पत्र लिखकर सड़क की स्थिति सुधारने के लिए भी कहा गया है. उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को धनराशि दिए जाने की जानकारी मिली है. साथ ही, जल्द सड़क बनानका आश्वासन भी दिया गया है. सड़क का निर्माण होने से धूल उड़ने की समस्या कम होने और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है.

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