
अलीगढ़ जिले के खैर तहसील क्षेत्र के चमन नगरिया गांव से एक हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है. मृतक पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने पहुंची सरोज देवी का ही अधिकारियों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया, जिससे उनके परिवार में हड़कंप मच गया.
सरोज देवी अपने पति स्वर्गीय जगदीश प्रसाद, जिनकी मृत्यु 20 साल पहले हो चुकी थी, का प्रमाण पत्र बनवाने ब्लॉक कार्यालय पहुंची थीं. लेकिन अधिकारियों की भारी लापरवाही के चलते पति का प्रमाण पत्र बनना तो दूर, जीवित सरोज देवी को ‘मृत’ घोषित कर दिया गया.
कई दफ्तरों के चक्कर, फिर भी न सुधरी गलती
पीड़ित महिला का आरोप है कि उन्होंने ब्लॉक कार्यालय के सचिव से कई बार अपना प्रमाण पत्र सही करवाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी. इस गलती के बाद सरोज देवी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पेंशन तक बंद हो गए, जिससे परिवार की दिक्कतें और बढ़ गईं.
पीड़ित परिवार की आपबीती
मृतक के पुत्र चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि वह अपनी मां के साथ पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने गया था, मगर अधिकारियों ने पिता का प्रमाण पत्र बनाने की जगह मां का ही जारी कर दिया. उन्होंने बताया कि मेरे पिता की मृत्यु 20 साल पहले हुई थी. हम प्रमाण पत्र बनवाने गए थे, लेकिन अधिकारियों ने मेरी जीवित मां का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया. अब बैंक, आधार और पेंशन सब कुछ बंद हो गया है. कई बार चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई.
एसडीएम ने किया हस्तक्षेप, निरस्त हुआ गलत प्रमाण पत्र
पीड़ित महिला की शिकायत के बाद एसडीएम के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई की गई और सरोज देवी का गलत मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया. क्षेत्रीय सचिव मधु सक्सेना ने सफाई देते हुए कहा कि यह “क्लेरिकल मिस्टेक” है.
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन की इस लापरवाही से यदि किसी की पहचान ही समाप्त हो जाए तो आम जनता आखिर किसके पास गुहार लगाए? अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरोज देवी के दस्तावेज और पेंशन जल्द बहाल होंगे या उन्हें और भी चक्करों का सामना करना पड़ेगा.



