
Mangal 108 Names: मंगल देव युद्ध के देवता और मंगल ग्रह के स्वामी हैं. मंगल ग्रह उग्र ग्रहों में से एक है जो शक्ति, शाहस शारीरिक ऊर्जा और आत्मविश्वास का कारक है. लेकिन कमजोर मंगल के कारक व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. जैसे शारीरिक पीड़ा, मन में भय बना रहना, बात-बात पर क्रोध आना और आत्मविश्वास में कमी आना. अगर मंगल ग्रह को मजबूत करना है तो मंगलवार के दिन मंगल देव के 108 नाम का जाप कर सकते हैं. इससे मंगल ग्रह की स्थिति कुंडली में संतुलित रहेगी.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी भूमि के पुत्र होने के कारण मंगल देव को ‘भौम’ भी कहा जाता है. पंचाग के सप्तवारों में से मंगलवार के शासक मंगल देव हैं यानी इस दिन की शुरुआत मंगल ग्रह से होती है. ऐले में मंगलवार के दिन मंगल देव की उपासाना कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. मंगलवार को पूजा करते हुए मंगल देव के 108 नामों का जाप किया जा सकता है ताकि शारीरिक उर्जा बढ़ सके और कुंडली में कमजोर मंगल मजबूत हो सके. मंगल के 108 नामों के संग्रह को मंगल की अष्टोत्तर शतनामावली कहा जाता है.
मंगल देव के 108 नाम
1.’ॐ महीसुताय नमः।’
2. ‘ॐ महाभागाय नमः।’
3. ‘ॐ मङ्गलाय नमः।’
4. ‘ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।’
5. ‘ॐ महावीराय नमः।’
6. ‘ॐ महाशूराय नमः।’
7. ‘ॐ महाबलपराक्रमाय नमः।’
8. ‘ॐ महारौद्राय नमः।’
9. ‘ॐ महाभद्राय नमः।’
10. ‘ॐ माननीयाय नमः।’
11. ‘ॐ दयाकराय नमः।’
12. ‘ॐ मानदाय नमः।’
13. ‘ॐ अपर्वणाय नमः।’
14. ‘ॐ क्रूराय नमः।’
15. ‘ॐ तापत्रयविवर्जिताय नमः।’
16. ‘ॐ सुप्रतीपाय नमः।’
17. ‘ॐ सुताम्राक्षाय नमः।’
18. ‘ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।’
19. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’
20. ‘ॐ वक्रस्तम्भादिगमनाय नमः।’
21. ‘ॐ वरेण्याय नमः।’
22. ‘ॐ वरदाय नमः।’
23. ‘ॐ सुखिने नमः।’
24. ‘ॐ वीरभद्राय नमः।’
25. ‘ॐ विरूपाक्षाय नमः।’
26. ‘ॐ विदूरस्थाय नमः।’
27. ‘ॐ विभावसवे नमः।’
28. ‘ॐ नक्षत्रचक्रसञ्चारिणे नमः।’
29. ‘ॐ क्षत्रपाय नमः।’
30. ‘ॐ क्षात्रवर्जिताय नमः।’
31. ‘ॐ क्षयवृद्धिविनिर्मुक्ताय नमः।’
32. ‘ॐ क्षमायुक्ताय नमः।’
33. ‘ॐ विचक्षणाय नमः।’
34. ‘ॐ अक्षीणफलदाय नमः।’
35. ‘ॐ चतुर्वर्गफलप्रदाय नमः।’
36. ‘ॐ वीतरागाय नमः।’
37. ‘ॐ वीतभयाय नमः।’
38. ‘ॐ विज्वराय नमः।’
39. ‘ॐ विश्वकारणाय नमः।’
40. ‘ॐ नक्षत्रराशिसञ्चाराय नमः।’
41. ‘ॐ नानाभयनिकृन्तनाय नमः।’
42. ‘ॐ वन्दारुजनमन्दाराय नमः।’
43. ‘ॐ वक्रकुञ्चितमूर्धजाय नमः।’
44. ‘ॐ कमनीयाय नमः।’
45. ‘ॐ दयासाराय नमः।’
46. ‘ॐ कनत्कनकभूषणाय नमः।’
47. ‘ॐ भयघ्नाय नमः।’
48. ‘ॐ भव्यफलदाय नमः।’
49. ‘ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमः।’
50. ‘ॐ शत्रुहन्त्रे नमः।’
51. ‘ॐ शमोपेताय नमः।’
52. ‘ॐ शरणागतपोषनाय नमः।’
53. ‘ॐ साहसिने नमः।’
54. ‘ॐ सद्गुणाध्यक्षाय नमः।’
55. ‘ॐ साधवे नमः।’
56. ‘ॐ समरदुर्जयाय नमः।’
57. ‘ॐ दुष्टदूराय नमः।’
58. ‘ॐ शिष्टपूज्याय नमः।’
59. ‘ॐ सर्वकष्टनिवारकाय नमः।’
60. ‘ॐ दुश्चेष्टवारकाय नमः।’
61. ‘ॐ दुःखभञ्जनाय नमः।’
62. ‘ॐ दुर्धराय नमः।’
63. ‘ॐ हरये नमः।’
64. ‘ॐ दुःस्वप्नहन्त्रे नमः।’
65. ‘ॐ दुर्धर्षाय नमः।’
66. ‘ॐ दुष्टगर्वविमोचनाय नमः।’
67. ‘ॐ भरद्वाजकुलोद्भूताय नमः।’
68. ‘ॐ भूसुताय नमः।’
69. ‘ॐ भव्यभूषणाय नमः।’
70. ‘ॐ रक्ताम्बराय नमः।’
71. ‘ॐ रक्तवपुषे नमः।’
72. ‘ॐ भक्तपालनतत्पराय नमः।’
73. ‘ॐ चतुर्भुजाय नमः।’
74. ‘ॐ गदाधारिणे नमः।’
75. ‘ॐ मेषवाहाय नमः।’
76. ‘ॐ मिताशनाय नमः।’
77. ‘ॐ शक्तिशूलधराय नमः।’
78. ‘ॐ शाक्ताय नमः।’
79. ‘ॐ शस्त्रविद्याविशारदाय नमः।’
80. ‘ॐ तार्किकाय नमः।’
81. ‘ॐ तामसाधाराय नमः।’
82. ‘ॐ तपस्विने नमः।’
83. ‘ॐ ताम्रलोचनाय नमः।’
84. ‘ॐ तप्तकाञ्चनसङ्काशाय नमः।’
85. ‘ॐ रक्तकिञ्जल्कसन्निभाय नमः।’
86. ‘ॐ गोत्राधिदेवाय नमः।’
87. ‘ॐ गोमध्यचराय नमः।’
88. ‘ॐ गुणविभूषणाय नमः।’
89. ‘ॐ असृजे नमः।’
90. ‘ॐ अङ्गारकाय नमः।’
91. ‘ॐ अवन्तीदेशाधीशाय नमः।’
92. ‘ॐ जनार्दनाय नमः।’
93. ‘ॐ सूर्ययाम्यप्रदेशस्थाय नमः।’
94. ‘ॐ घुने नमः।’
95. ‘ॐ यौवनाय नमः।’
96. ‘ॐ याम्यहरिन्मुखाय नमः।’
97. ‘ॐ याम्यदिङ्मुखय नमः।’
98. ‘ॐ त्रिकोणमण्डलगताय नमः।’
99. ‘ॐ त्रिदशाधिपसन्नुताय नमः।’
100. ‘ॐ शुचये नमः।’
101. ‘ॐ शुचिकराय नमः।’
102. ‘ॐ शूराय नमः।’
103. ‘ॐ शुचिवश्याय नमः।’
104. ‘ॐ शुभावहाय नमः।’
105. ‘ॐ मेषवृश्चिकराशीशाय नमः।’
106. ‘ॐ मेधाविने नमः।’
107. ‘ॐ मितभाषणाय नमः।’
108. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)



