
इंस्टाग्राम पर दिखाई देने वाली एक रील को देखकर नकली नोट बनाने की कोशिश करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों ने नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने का तरीका अपनाया। हैरानी की बात यह सामने आई कि 100 रुपये के एक नकली नोट को तैयार करने में करीब 15 रुपये का खर्च आता था।
सोशल मीडिया से सीखा नकली नोट बनाने का तरीका
मामला सामने आने के बाद जांच में पता चला कि आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने के लिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री का सहारा लिया था। बताया गया कि इंस्टाग्राम पर देखी गई रील से उन्हें नकली नोट बनाने का तरीका समझ आया। इसके बाद उन्होंने प्रिंटिंग और अन्य सामान की मदद से नोट तैयार करने की कोशिश शुरू कर दी।
15 रुपये में तैयार हो रहा था 100 रुपये का नकली नोट
जांच में यह भी सामने आया कि एक 100 रुपये के नकली नोट को तैयार करने में करीब 15 रुपये का खर्च आता था। यानी आरोपी कम लागत में नकली मुद्रा तैयार कर उसे असली नोट की तरह चलाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, नकली नोट की गुणवत्ता और सुरक्षा फीचर्स में अंतर के कारण उसे पहचानने की संभावना बनी रहती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों से जुड़े सामान और नकली नोटों की जांच शुरू कर दी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कितने नकली नोट तैयार किए गए और उन्हें कहां-कहां चलाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस काम में और कितने लोग शामिल थे।
सोशल मीडिया की जानकारी का गलत इस्तेमाल
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर मौजूद हर तरह की जानकारी का इस्तेमाल सही मकसद के लिए नहीं किया जाता। नकली नोट बनाना और उसे चलाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।



