
पानीपत, हरियाणा: हरियाणा के पानीपत जिले में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी संदीप को 30 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। आरोपी किशोरी की मां का लिव-इन पार्टनर था। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे तीन साल की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी।
मामला समालखा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना मई 2024 की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी समालखा की एक कॉलोनी में संदीप नाम के व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, जबकि उनकी दोनों बेटियां पिता के साथ रहती थीं।
शिकायत के अनुसार, 14 मई 2024 को आरोपी ने उसकी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी ने गांव पहुंचकर इस घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी। इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत के बाद आरोपी हुआ था गिरफ्तार
शिकायत मिलने पर समालखा थाना पुलिस ने आरोपी संदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई।
14 गवाहों और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा वैज्ञानिक जांच से जुड़ी एफएसएल रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद अदालत ने संदीप को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने उसे 30 साल की कठोर कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को तीन साल की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर अदालत के फैसले और उपलब्ध अदालती जानकारी पर आधारित है। नाबालिग पीड़िता की पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए उसकी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की गई है।



