CrimeIndiaTrendingUttar Pradesh

जिस पत्नी पर था सबसे ज्यादा भरोसा, उसी को लेकर खुला ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान!

जिस पत्नी पर था सबसे ज्यादा भरोसा, उसी को लेकर खुला ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान!

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 45 वर्षीय बर्तन व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान उमाशंकर कौशल उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है। उसका शव गुरुवार को शीतलमऊ नहर के पास मिला था। शुरुआती जांच में सामने आए कथित संबंधों और आपसी विवाद ने मामले को नया मोड़ दिया है।

नहर किनारे शव मिलने से शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, उमाशंकर कौशल खास बाजार का रहने वाला था और बर्तन का कारोबार करता था। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मृतक के भाई दीपू कौशल की शिकायत के आधार पर उसकी पत्नी सुमन देवी और शाहंशाह के खिलाफ आरोपों की पड़ताल की गई।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने विशाल शुक्ला उर्फ बिट्टू और अविनाश तिवारी उर्फ रजत को भी मामले में संदिग्ध भूमिका के आधार पर आरोपी बनाया।

पत्नी और दूसरे व्यक्ति के संबंधों को लेकर विवाद का संदेह

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम बृजनंदन राय के अनुसार, जांचकर्ताओं को संदेह है कि सुमन देवी और शाहंशाह के बीच कथित संबंध थे। पुलिस का कहना है कि उमाशंकर को इसकी जानकारी होने और विरोध करने के बाद हत्या की साजिश रचे जाने की आशंका है।

हालांकि, यह पुलिस जांच में सामने आया आरोप है। मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

पुलिस ने चार आरोपियों को कहां से पकड़ा?

पुलिस और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप की संयुक्त टीम ने सुमन देवी को कलाकांकर रोड पर राजेंद्र नगर क्रॉसिंग के पास नहर के तटबंध से गिरफ्तार किया। वहीं, शाहंशाह, विशाल शुक्ला और अविनाश तिवारी को जगन्नाथपुर नहर की पुलिया के पास से पकड़ा गया।

पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के बाद आरोपियों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जेल भेज दिया गया।

मामले की जांच जारी

पुलिस अब हत्या से जुड़े घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल चारों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply