
अंबेडकरनगर, उत्तर प्रदेश: जलालपुर क्षेत्र में एक युवक का शव घर से करीब 500 मीटर दूर पेड़ पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पिता ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने की साजिश बताया है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने युवक की प्रेमिका, उसके भाई और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान नगपुर मुस्तफाबाद निवासी पारस मौर्य के बेटे रवि के रूप में हुई है। रवि हरियाणा में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और करीब तीन महीने पहले ही घर लौटा था। गुरुवार को उसका शव घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर कटहल के पेड़ से तार के सहारे लटका हुआ मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी।
प्रेमिका के फोन पर बुलाने का पिता ने लगाया आरोप
रवि दो भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। पिता पारस मौर्य का आरोप है कि रवि का एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उनका दावा है कि युवक को फोन करके बुलाया गया और फिर साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया गया।
पिता ने अपनी शिकायत में युवती पूजा, उसके भाई अमरजीत और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव, तैनात रहा पुलिस बल
गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम को रवि का शव घर पहुंचा। इस दौरान किसी तरह के तनाव या विवाद की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
परिजनों के हरियाणा से आने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। शुक्रवार को खराब मौसम के बीच तमसा नदी के बालाघाट पर रवि का अंतिम संस्कार किया गया।
चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
निरीक्षक अजय प्रताप सिंह यादव के मुताबिक, पिता की शिकायत के आधार पर प्रेमिका, उसके भाई और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें नामजद लोगों की क्या भूमिका रही।
Satya Report Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस के बयान के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही वास्तविक तथ्य स्पष्ट होंगे।



