सुबह की शुरुआत अगर गलत ड्रिंक से हो तो पूरा दिन पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। हम अक्सर सेहतमंद रहने के लिए खाली पेट फलों का जूस पी लेते हैं या नींद भगाने के लिए चायकॉफी का सहारा लेते हैं, लेकिन पेट के डॉक्टरों यानी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, जिन लोगों की मेडिकल हिस्ट्री है उनके लिए खाली पेट इन चीजों का सेवन अंदरूनी परतों को बुरी तरह डैमेज कर सकता है। पोषण विशेषज्ञ किरण कुकरेजा ने हाल ही में एक वीडियो में सलाह दी कि दिन की शुरुआत साइट्रस फलों जैसे अनानास, सेब, ग्रीन टी, चाय, कॉफी, मसालेदार भोजन और फलों के जूस से करते हैं तो अपनी आदत बदल लीजिए। ये ड्रिंक आपके पाचन तंत्र को बिगाड़ सकते हैं, गैस, एसिडिटी का कारण बन सकते हैं। अब सवाल ये उठता है कि न्यूट्रीशनिस्ट किरण की बात में कितनी सच्चाई है। इस बात की तस्दीक हम गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से करते हैं।
KIMS Hospitals,ठाणे में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और एंडोस्कोपी सलाहकार डॉ. सुजीत नायर के अनुसार ये धारणा कि कुछ ड्रिंक का सेवन पाचन के लिए हानिकारक है बिल्कुल गलत है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, इस विषय को अक्सर बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जाता है। डॉ. नायर बताते हैं कि अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सेब, साइट्रस फल, अनानास, चाय, कॉफी या फलों का जूस खाली पेट लेना स्वाभाविक रूप से हानिकारक नहीं है।
इन ड्रिंक का सुबह खाली पेट सेवन अलगअलग इंसानों पर अलगअलग होता है। इस ड्रिंक का असर व्यक्ति की पाचन क्षमता और मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि खाली पेट चाय, कॉफी और साइट्रस जूस का सेवन सभी को नुकसान पहुंचाता है या फायदेमंद भी है।
साइट्रस फल और अनानास का पाचन पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ खाद्य पदार्थ संवेदनशील लोगों में असुविधा पैदा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ये सभी लोगों के लिए सुबह के समय नुकसानदायक हों। संतरा, मौसमी, नींबू और अनानास जैसे फलों में प्राकृतिक अम्ल होते हैं। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस या सीने में जलन की समस्या रहती है उनके लिए इन फलों का सेवन पाचन को नुकसान पहुंचा सकता है। जिन लोगों को पाचन से जुड़ी कोई परेशानी नहीं है उनके लिए सुबह खाली पेट अनानास और साइट्रस फलों के जूस का सेवन असरदार साबित होता है। जिन लोगों की कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं है उनके लिए ये फल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं।
खाली पेट सेब का सेवन कैसे करता है असर?
डॉ. नायर के अनुसार सुबह के समय खाली पेट सेब का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर और प्रीबायोटिक्स मौजूद होता हैं, जो आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। इसलिए सेब को खाली पेट खाने से आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता। इसका सेवन गैस और एसिडिटी का कारण नहीं बनता।
खाली पेट चाय और कॉफी पीने का असर
अक्सर लोग दिन की शुरुआत चाय और कॉफी से करते हैं। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकता है। जिन लोगों की पाचन से जुड़ी हिस्ट्री है उन्हें खाली पेट चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी, पेट फूलना, मिचली या घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया जिन लोगों की बॉडी कैफीन को अच्छी तरह सहन कर लेती है उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती।
खाली पेट मसालेदार भोजन और जूस के सेवन का असर
सुबह के समय खाली पेट मसालेदार सब्जी, भुजिया, पुरी और दूसरे मसालेदार फूड का सेवन संवेदनशील लोगों में पेट की परत में जलन पैदा कर सकता है। इससे गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स और पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है। फलों का जूस भले ही हेल्दी माना जाता हो, लेकिन इसमें पूरे फल की तुलना में फाइबर काफी कम होता है। खाली पेट जूस पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता।
सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाना चाहिए?
डॉ. नायर के अनुसार अगर आप चाहते हैं कि आपका पाचन दुरुस्त रहे तो आपका सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल हों। एक्सपर्ट के मुताबिक आप सुबह के नाश्ते में ताजे फल, भीगे हुए बादाम, मेवे, दही, अंकुरित अनाज , अंडे, सब्जियों से बने व्यंजन, मूंग दाल चीला, पोहा या उपमा जैसे फूड्स का सेवन कर सकते हैं। ये फूड आपकी बॉडी को हेल्दी रखते हैं,एनर्जी को बूस्ट करते हैं और पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखते हैं।
किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
जिन लोगों की मेडिकल हिस्ट्री है या पाचन से जुड़ी कुछ परेशानियां जैसे एसिड रिफ्लक्स,गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और डायबिटीज है तो ऐसे लोगों को सुबह खाली पेट अत्यधिक अम्लीय खाद्य पदार्थ, ज्यादा कैफीन और मीठे ड्रिंक का सेवन करने से बचना चाहिए। खाली पेट चाय, कॉफी, फल या जूस खाना हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक नहीं है। इसका असर व्यक्ति की पाचन क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या, बीमारी या आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।



