नियति का खेल भी अजीब होता है. एक भाई अपने घायल भाई की जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि रास्ते में मौत उसका इंतजार कर रही है. मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए. दरअसल हादसा जबलपुरपाटन मार्ग पर खैरी गांव के पास हुआ. टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे के बाद बस एक खेत में घुस गई तो वही एंबुलेंस पूरी चकनाचूर हो गई. इस पूरी घटना में एक युवक की मौत हो गई तो वहीं 6 अन्य घायल हुए हैं.

दरअसल, नोनी गांव का रहने वाला सौरभ पटेल अपने सगे भाई के एक्सीडेंट की खबर सुनकर बदहवास होकर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस में बैठा था. वह अपने भाई का हाथ थामे उसे ढांढस बंधा रहा था कि ‘सब ठीक हो जाएगा लेकिन तभी जबलपुर से अहमदाबाद जा रही एक तेज रफ्तार बस कॉल बन गई. बस ने एंबुलेंस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए, जिस भाई की जान बचाने सौरभ निकला था, उसकी सांसें तो बच गईं, लेकिन उसे अस्पताल पहुंचातेपहुंचाते खुद सौरभ की मौत हो गई. एक भाई ने दूसरे भाई का फर्ज निभाते हुए अपनी जान गंवा दी.
सड़क हादसे में गई जान
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब जबलपुर से अहमदाबाद की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस ने सामने से आ रही एंबुलेंस को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए. घटना के पीछे की कहानी और भी दुखद है मृतक सौरभ पटेल के भाई का पहले ही एक्सीडेंट हो गया था. सौरभ अपने घायल भाई को बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहा था. उसे क्या पता था कि जिस एंबुलेंस को वह जीवन बचाने की उम्मीद मान रहा था, वही उसकी मौत का कारण बन जाएगी. अस्पताल ले जाते समय सौरभ ने दम तोड़ दिया.
एंबुलेंस से टकराकर खेत में जा घुसी बस
बस में सवार महिला यात्री ममता सोनी ने आपबीती बताते हुए कहा सब कुछ एक मिनट के भीतर हो गया. हम जबलपुर से अहमदाबाद जा रहे थे, तभी अचानक बस पूरी तरह हिल गई. हमें संभलने का मौका तक नहीं मिला. बस के अंदर से चीखने और चिल्लाने की आवाज आने लगी. बस में काफी लोग सवार थे और एंबुलेंस से टक्कर के बाद हर तरफ अफरातफरी मच गई. बाहर निकाल कर देखा तो एम्बुलेंस चकनाचूर हो गई थी और उसके अंदर लोग घायल पड़े हुए थे.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
वहीं, पूरी घटना को लेकर थाना प्रभारी पाटन गोपेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि प्राथमिक रूप से बस की रफ्तार तेज होना हादसे का कारण लग रहा है. उन्होंने कहा, एंबुलेंस चालक और अन्य घायलों का उपचार जारी है. प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चूक किसकी थी. फिलहाल घायलों को इलाज के लिए जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल भेजा गया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.


