Satya Report: भारत और जर्मनी के बीच करीब 8 अरब डॉलर (लगभग 66,000 करोड़ रुपए) की बड़ी सबमरीन डील अगले 3 महीनों में फाइनल हो सकती है. जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत भारत में 6 आधुनिक पनडुब्बियां (सबमरीन) बनाई जाएंगी. इसके लिए दोनों देशों के बीच बातचीत आखिरी चरण में है और जल्द ही समझौते पर साइन हो सकते हैं.

भारत में ही बनेगी सबमरीन
इस डील में जर्मनी की कंपनी थाइसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) और भारत की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मिलकर काम करेंगी. खास बात यह है कि जर्मनी पहली बार अपनी सबमरीन बनाने की टेक्नोलॉजी किसी यूरोपीय देश के बाहर ट्रांसफर करेगा. ऐसे में शेयर बाजार में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर में आने वाले दिनों में तेजी देखने को मिल सकती है.
अब तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील
करीब 8 अरब डॉलर की यह डील भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील हो सकती है. इससे भारत की नौसेना की ताकत काफी बढ़ेगी और मेक इन इंडिया को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
जर्मनी दौरे पर रक्षा मंत्री
21 से 23 अप्रैल तक जर्मनी दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने TKMS के शिपयार्ड का भी दौरा किया और वहां Type-212 क्लास की सबमरीन देखी. कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें इसकी खासियतों के बारे में जानकारी दी.
रक्षा सहयोग भी होगा मजबूत
दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप और UN पीसकीपिंग ट्रेनिंग में सहयोग से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं. इससे ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा. सरल शब्दों में कहें तो यह डील भारत-जर्मनी के रिश्तों को नई मजबूती देगी और भारत की रक्षा क्षमता को भी बड़ा फायदा पहुंचाएगी. .



