
एक घर में सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन उसके भीतर रिश्तों का तनाव लगातार बढ़ रहा था। एक युवती की अपनी करीबी सहेली से गहरी नजदीकियां थीं। परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। धीरे-धीरे हालात इतने बिगड़ गए कि युवती ने अपने ही परिवार के खिलाफ खौफनाक साजिश रच डाली।
दोस्ती से शुरू हुआ था करीबी रिश्ता
निशा नाम की एक युवती की मुलाकात कॉलेज के दिनों में अपनी सहेली राधा से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती गहरी होती चली गई और समय के साथ उनका रिश्ता प्रेम में बदल गया।
निशा चाहती थी कि राधा हमेशा उसके करीब रहे। इसी वजह से उसने अपने भाई की शादी भी राधा से करवा दी। परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद दोनों की जिंदगी सामान्य हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
शादी के बाद भी नहीं बदली नजदीकियां
शादी के बाद राधा अपने पति के साथ रहने लगी, लेकिन उसका निशा के साथ करीबी रिश्ता जारी रहा। जब भाई को दोनों के संबंधों की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया।
इस बात को लेकर घर में कई बार विवाद हुआ। राधा ने भी साफ कर दिया कि वह निशा से अपना रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती। आखिरकार दोनों का वैवाहिक रिश्ता टूट गया।
कुछ समय बाद भाई ने दूसरी शादी कर ली। लेकिन परिवार में फिर तनाव पैदा हुआ। इस बार भी निशा के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आईं। मां को जब इन बातों की जानकारी हुई तो उन्होंने बेटी को समझाने की कोशिश की।
घर में बढ़ती गई नाराजगी
मां और भाई दोनों निशा के फैसलों से परेशान थे। परिवार में आए दिन कहासुनी होने लगी। इसी बीच निशा को यह डर सताने लगा कि मां अपनी संपत्ति भाई के नाम कर सकती हैं।
एक तरफ परिवार का विरोध और दूसरी तरफ संपत्ति को लेकर पैदा हुई आशंका ने उसके मन में नाराजगी बढ़ा दी। इसी दौरान उसने अपने एक करीबी रिश्तेदार के साथ मिलकर मां और भाई को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
सुबह के समय घर में हुई वारदात
एक सुबह घर में लगे निगरानी कैमरे बंद कर दिए गए। मां रसोई में अपना काम कर रही थीं। तभी रिश्तेदार घर के अंदर पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। निशा ने भी इस वारदात में उसका साथ दिया।
मां की आवाज सुनकर भाई कमरे से बाहर आया। उसे संभलने का मौका भी नहीं मिला। आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। कुछ ही देर में घर के दोनों सदस्यों की मौत हो गई।
वारदात के बाद दोनों ने घर का सामान बिखेर दिया, ताकि पहली नजर में घटना किसी दूसरी वजह से हुई लगे।
झूठी कहानी बनाकर खुद को बचाने की कोशिश
दोहरी हत्या के बाद निशा ने खुद को निर्दोष दिखाने की योजना बनाई। वह घर से बाहर गई और मां के मोबाइल का इस्तेमाल करके ऐसा संदेश भेजा, जिससे लगे कि मां ने ही उसे किसी काम के लिए बुलाया था।
कुछ समय बाद वह वापस लौटी और घर के अंदर दोनों को मृत देखकर शोर मचाने लगी। उसने ऐसा व्यवहार किया, जैसे उसे घटना के बारे में कुछ भी पता न हो।
लेकिन उसकी बनाई कहानी में कई ऐसी बातें थीं, जो जांच के दौरान सवाल खड़े करने लगीं।
तकनीकी जांच ने खोल दिया राज
जांच के दौरान मौत के समय और युवती के बताए घटनाक्रम में अंतर सामने आया। मोबाइल की गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की गई तो पता चला कि मां के फोन से भेजा गया संदेश उस समय भेजा गया था, जब मोबाइल निशा के पास था।
इसके बाद पूछताछ में उसके बयान बदलने लगे। आखिरकार उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर वारदात की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की।
पीछे छूट गए रिश्तों के टूटे हुए टुकड़े
जिस घर में कभी मां, बेटा और बेटी साथ रहते थे, वहां एक दिन ऐसा आया जब परिवार के दो सदस्य हमेशा के लिए दुनिया से चले गए। एक रिश्ते को बचाने की जिद, पारिवारिक विवाद और संपत्ति को लेकर पैदा हुई आशंका ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया।
इस घटना का सबसे बड़ा सबक यही था कि प्रेम संबंध या पारिवारिक मतभेद किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं ठहरा सकते। किसी की पसंद या यौन पहचान अपराध नहीं होती, लेकिन किसी की जान लेने की साजिश एक गंभीर अपराध है।
Satya Report Disclaimer: यह एक पुरानी घटना से प्रेरित स्वतंत्र कथात्मक प्रस्तुति है। इसमें सभी नाम, स्थान और पहचान संबंधी विवरण हटा दिए गए हैं।



