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भूकंप के भयानक झटकों से थर्राई धरती, भारी तबाही, 10000 से ज्यादा की मौत!

Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह दो शक्तिशाली भूकंप आए। 7.2 और 7.5 की तीव्रता वाले भूकंप से भारी तबाही हुई। कई इमारते ध्वस्त हो गई और 10,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है।

भूकंप के भयानक झटकों से थर्राई धरती, भारी तबाही, 10000 से ज्यादा की मौत!

कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। भूकंप के बाद कार्यवाहक राष्‍ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है।

पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसका केंद्र राजधानी कराकस से करीब 160 किमी पश्चिम में जमीन से 13 किमी नीचे था। कुछ सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। इसका केंद्र मोरोन शहर के दक्षिणपश्चिम में जमीन से 10 किमी नीचे था।

जापान में भी 6.9 की तीव्रता का भूकंप
जापान के उत्तरी हिस्से में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके टोक्यो समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। दहशत के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या सुनामी की सूचना नहीं है।

कैसे आता है भूकंप?
हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से बनी हुई है इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टलऔर क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और उर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट, दूसरी के नीचे आ जाती है।

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है। रिक्टर स्केल पैमाने को सन् 1935 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी में कार्यरत वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने बेनो गुटेनबर्ग के सहयोग से खोजा था।

इस स्केल के अंतर्गत प्रति स्केल भूकंप की तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है और भूकंप के दौरान जो ऊर्जा निकलती है, वह प्रति स्केल 32 गुना बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि 3 रिक्टर स्केल पर भूकंप की जो तीव्रता थी, वह 4 स्केल पर 3 रिक्टर स्केल का 10 गुना बढ़ जाएगी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8 रिक्टर पैमाने पर आया भूकंप 60 लाख टन विस्फोटक से निकलने वाली ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।

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