
पुणे, महाराष्ट्र, 31 अक्टूबर 2026: परिवार को लगता रहा कि उनकी 34 वर्षीय बेटी लंदन में रहकर MBA की पढ़ाई कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। वह कई महीने पहले ब्रिटेन छोड़कर भारत लौट आई थी और पुणे के पास एक किराए के फ्लैट में अकेले रह रही थी। परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं थी। जब कई दिनों तक उससे संपर्क नहीं हो पाया तो तलाश शुरू हुई। बैंक खातों और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। महिला का शव पिंपरी-चिंचवड़ के गहुंजे इलाके में स्थित लोढ़ा बेलमोंडो सोसाइटी के फ्लैट से बरामद हुआ।
मृतका की पहचान 34 वर्षीय मुग्धा अविनाश देशमुख के रूप में हुई। वह छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थी। मुग्धा जुलाई 2025 में MBA की पढ़ाई के लिए लंदन गई थी। वहां वह अकेले रहती थी और कुछ पार्ट-टाइम काम भी करती थी। परिवार के साथ उसकी फोन और मैसेज के जरिए लगातार बातचीत होती रहती थी। इसी वजह से माता-पिता को भरोसा था कि वह लंदन में ही है।
23 अक्टूबर को मां से हुई थी आखिरी बातचीत
जानकारी के मुताबिक, मुग्धा ने 23 अक्टूबर को अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उसने बताया था कि उसे एक जॉब इंटरव्यू के लिए जाना है और वह जल्दी में है। इसके बाद उसने फोन रख दिया। अगले दिन यानी 24 अक्टूबर से परिवार के लोगों की उससे बातचीत नहीं हो पाई। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।
शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद वह किसी काम में व्यस्त होगी, लेकिन लगातार संपर्क नहीं होने पर चिंता बढ़ गई। इसके बाद मुग्धा के माता-पिता ने लंदन में रहने वाली उसकी एक दोस्त से संपर्क किया। दोस्त ने भी बताया कि उसकी मुग्धा से आखिरी बातचीत 22 अक्टूबर को मैसेज के जरिए हुई थी।
दोस्त ने लंदन पुलिस से संपर्क कर मुग्धा के बारे में जानकारी मांगी। वहां से जो जानकारी मिली, उसने परिवार को हैरान कर दिया। पता चला कि मुग्धा अगस्त में ही ब्रिटेन छोड़ चुकी थी। यानी परिवार जिस बेटी को लंदन में समझ रहा था, वह कई महीनों से भारत में रह रही थी।
बैंक ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन ऑर्डर से मिला पुणे का पता
मुग्धा के पिता अविनाश देशमुख ने बेटी के बैंक खातों की जानकारी खंगाली तो 8 से 25 अक्टूबर के बीच कई ऑनलाइन लेन-देन सामने आए। इनमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, बुकमायशो और मेकमायट्रिप जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े भुगतान शामिल थे। इन ट्रांजैक्शन से संकेत मिला कि मुग्धा भारत में मौजूद थी।
इसके बाद पुलिस ने ऑनलाइन भुगतान और फूड डिलीवरी से जुड़ी जानकारी की जांच की। जोमैटो की ऑर्डर हिस्ट्री में एक डिलीवरी एड्रेस मिला, जो पुणे के पास गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो सोसाइटी का था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस मुग्धा के फ्लैट तक पहुंची।
परिवार ने 27 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और तकनीकी जांच के जरिए पुणे का पता लगाया।
बंद फ्लैट खोलते ही मिला सड़ी-गली हालत में शव
पुलिस टीम गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो सोसाइटी पहुंची। फ्लैट बंद था। दूसरी चाबी और चाबी बनाने वाले की मदद से अंदर प्रवेश किया गया तो मुग्धा का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मुग्धा ने अप्रैल 2026 के आसपास यह फ्लैट किराए पर लिया था, लेकिन वहां रहना उसने अगस्त या सितंबर से शुरू किया था। पुणे में रहते हुए वह MBA के विद्यार्थियों को कुछ विषय ऑनलाइन पढ़ाती थी।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, कई पहलुओं पर जांच
पुलिस के मुताबिक, शव पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम के बाद आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं और संबंधित रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मुग्धा की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुग्धा ने लंदन छोड़कर भारत लौटने का फैसला क्यों किया था और उसने अपने परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। पुणे में रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में थी और आखिरी दिनों में उसके साथ क्या हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
एक तरफ परिवार को बेटी के लंदन में होने का भरोसा था, वहीं दूसरी तरफ वह पुणे में अकेले रह रही थी। इस पूरे मामले में ऑनलाइन भुगतान और फूड डिलीवरी रिकॉर्ड अहम सुराग बने, जिनकी मदद से पुलिस उस फ्लैट तक पहुंच सकी। हालांकि, मुग्धा की मौत के पीछे की असली वजह जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी।
— Satya Report



