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फोन कॉल से शुरू हुआ ‘ब्लैकमेलिंग का खेल, 79 साल के बुजुर्ग से ऐंठे 14.63 लाख रुपये; मेवात से जुड़े गिरोह का खुलासा

फोन कॉल से शुरू हुआ ‘ब्लैकमेलिंग का खेल, 79 साल के बुजुर्ग से ऐंठे 14.63 लाख रुपये; मेवात से जुड़े गिरोह का खुलासा

दिल्ली में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें ठगों ने एक 79 वर्षीय बुजुर्ग को अश्लील वीडियो कॉल के जाल में फंसाकर लाखों रुपये वसूल लिए। बुजुर्ग गुरुद्वारे में सेवा करते हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले फर्जी कॉल के जरिए उन्हें डराया और फिर खुद को पुलिस अधिकारी, क्राइम ब्रांच का सदस्य या यूट्यूब प्रतिनिधि बताकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पहले फर्जी कॉल, फिर बदनामी का डर

पुलिस की जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य व्हाट्सऐप पर अश्लील सामग्री भेजते थे या फर्जी वीडियो कॉल करते थे। इसके लिए दूसरे मोबाइल पर पहले से रिकॉर्ड की गई अश्लील क्लिप चलाई जाती थी, जिससे सामने वाले व्यक्ति को कॉल वास्तविक लगती थी।

इसके बाद आरोपी कथित तौर पर कॉल या उससे जुड़े दृश्यों को रिकॉर्ड कर लेते थे। फिर पीड़ितों को फोन करके धमकाया जाता था कि उनकी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी या उन्हें किसी आपराधिक मामले में फंसा दिया जाएगा।

बुजुर्ग से अलग-अलग किस्तों में वसूले पैसे

इसी तरीके से 79 वर्षीय बुजुर्ग को निशाना बनाए जाने का आरोप है। बदनामी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे अलग-अलग किस्तों में कुल 14.63 लाख रुपये वसूले गए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और ठगी के पीछे सक्रिय गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की।

करीब 100 मोबाइल नंबरों की जांच के बाद गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ जिला साइबर टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबरों और IMEI की जांच की। जांच के तार राजस्थान के डीग जिले के कलतरिया गांव और आसपास के इलाकों तक पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—इमराज खान, समद खान, अंकित सैन और तस्लीम राजा—को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह में अलग-अलग लोगों की भूमिकाएं थीं। कुछ पर फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने, कुछ पर बैंक खातों का इंतजाम करने और कुछ पर ठगी की रकम को खातों के जरिए मंगवाने या आगे ट्रांसफर करने में मदद करने का आरोप है।

एक करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन की जांच

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े करीब 15 साइबर ठगी के मामलों की जानकारी सामने आई है। इन खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक के डेबिट और क्रेडिट लेन-देन दर्ज होने की बात कही गई है।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से भी जुड़े हैं या नहीं। साथ ही, ठगी की रकम का पूरा हिसाब लगाने और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

शर्म के कारण शिकायत करने से न चूकें

ऐसी ठगी में बदनामी का डर पीड़ित को चुप रहने पर मजबूर कर सकता है। लेकिन ठग इसी डर का फायदा उठाते हैं। यदि किसी को ऐसी कॉल या धमकी मिले, तो पैसे देने के बजाय सबूत सुरक्षित रखें, संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें और पुलिस को सूचना दें। भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन 1930 पर भी की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की जानकारी पर आधारित है। आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

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