
देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके माउंट कैलाश (दक्षिण-पूर्वी जिला) से एक रूह कंपा देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक नामी त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉक्टर ने अपने ही घर में पिछले 15 साल से काम कर रही घरेलू सहायिका मीना हलदर 45 की बैट से पीट-पीटकर और चाकू से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की यह ‘इंसाइड स्टोरी’ जितनी खौफनाक है, उतनी ही हैरान करने वाली भी है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर गहरे डिप्रेशन में था और अपने बेटे की किस्मत ठीक करने के अंधविश्वास के चलते उसने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
कैंसर पीड़ित मां की सेवा की, पर डॉक्टर के सिर पर सवार था खून
मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली मीना हलदर माउंट कैलाश स्थित मकान नंबर ए-69 में पिछले डेढ़ दशक से घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थीं। कुछ समय पहले जब डॉ. मनीष गुप्ता की मां कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित थीं, तब मीना ने एक नौकरानी नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह उनकी दिन-रात सेवा की थी। यही वजह थी कि डॉक्टर मनीष जब भी मीना को काम से हटाना चाहता था, उसकी डॉक्टर पत्नी साफ मना कर देती थी। पत्नी का तर्क था कि मीना सालों से वफादारी से घर संभाल रही है, उसे नहीं हटाया जा सकता। लेकिन डॉक्टर के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
बेटे की खराब किस्मत का मीना को माना जिम्मेदार
दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त (DC) डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता पिछले 10 वर्षों से डिप्रेशन (अवसाद) का शिकार था और उसकी दवाइयां खा रहा था। हाल ही में उसके बेटे ने 12वीं पास की थी और कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन वह कॉलेज नहीं जा रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, डॉक्टर का बेटा मानसिक रूप से कुछ कमजोर है। लेकिन डिप्रेशन से जूझ रहे डॉक्टर मनीष के दिमाग में यह गलतफहमी बैठ गई थी कि उसके बेटे का कॉलेज न जाना और उसकी मानसिक स्थिति के पीछे मीना का कोई हाथ है। उसे लगता था कि मीना को रास्ते से हटाकर ही उसके बेटे की किस्मत ठीक हो सकती है।
छत पर ले जाकर पहले बैट से पीटा, फिर रेता गला
पूछताछ में आरोपी डॉक्टर ने कबूल किया कि उसके मन में अक्सर अपने ही परिवार के सदस्यों को मारने के खौफनाक विचार आते थे। बृहस्पतिवार की सुबह जब वह सोकर उठा तो उसका मूड बेहद खराब था। उस वक्त उसका बेटा घर के अंदर ही था, इसलिए वह मीना को बहाने से घर की छत पर ले गया। वहां डॉक्टर ने क्रिकेट बैट से मीना के सिर पर ताबड़तोड़ कई हमले किए। जब मीना लहूलुहान होकर गिर गई, तो डॉक्टर ने चाकू से उसका गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि हत्या करने के बाद आरोपी डॉक्टर लाश के पास ही सुन्न होकर बैठा रहा, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
खून से लथपथ सास को देख बेहोश हो गई बहू
मीना की बहू सुपर्णा भी उसी इलाके में काम करती है। जब वह काम के सिलसिले में छत पर गई, तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सुपर्णा ने बताया, “छत पर मेरी सास खून से लथपथ मृत पड़ी थीं। यह देखते ही मैं बेहोश हो गई, जिसके बाद पुलिसवाले मुझे नीचे लेकर आए।” मीना के बेटे रॉबिन, जो नेहरू प्लेस में नौकरी करता है, को जब दोस्तों ने यह खबर दी तो उसके आंसू नहीं थम रहे थे। घटना के बाद गुस्से से आगबबूला परिजनों और स्थानीय घरेलू सहायिकाओं ने घटनास्थल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और आरोपी डॉक्टर को ऑन द स्पॉट कड़ी सजा देने की मांग की।
काले जादू की अटकलें खारिज, नामी अस्पतालों से जुड़ा था डॉक्टर
पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किया गया क्रिकेट बैट और खून से सना चाकू बरामद कर लिया है। डीसीपी हेमंत तिवारी ने सोशल मीडिया पर चल रही काले जादू या तंत्र-मंत्र की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जांच में ऐसा कोई भी पहलू सामने नहीं आया है, यह विशुद्ध रूप से डिप्रेशन और सनक का मामला है। आपको बता दें कि आरोपी डॉ. मनीष गुप्ता का घर पर ही क्लीनिक है और उसकी पत्नी भी डॉक्टर हैं, जिनका साकेत में क्लीनिक है। इसके अलावा डॉ. मनीष दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट से भी जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस कई टीमों के साथ आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है।



