
मॉस्को. भविष्य की दुनिया कैसी दिखेगी और आने वाले 200 सालों में इंसानियत का क्या होगा, इसे जानने को लेकर लोगों के मन में हमेशा से ही उत्सुकता बनी रहती है. इंटरनेट पर अक्सर ऐसे दावे सामने आते रहते हैं, जो इंसान की सोच को चुनौती देते हैं. ऐसा ही एक मामला फिर सुर्खियों में है, जहां रोमन नाम के एक शख्स ने दावा किया है कि वह साल 2300 से टाइम ट्रैवल करके वर्तमान समय में वापस लौटा है. साइबेरिया के एक अज्ञात गुप्त ठिकाने से बात करते हुए इस शख्स ने भविष्य को लेकर एक ऐसा खौफनाक मंजर बयां किया है, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे. पैरा-नॉर्मल और रहस्यमयी घटनाओं पर शोध करने वाले यूट्यूब चैनल ‘एपेक्स’ से बातचीत में रोमन ने कहा कि वह ओक्लो नामक एक ऐसे संगठन के लिए काम करता था, जो अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की तरह सीक्रेट ऑपरेशन्स चलाती है.
रोमन के अनुसार, इस संगठन ने टाइम ट्रैवल के लिए स्पाइडर नाम की एक जटिल और विशालकाय मशीन बनाई थी. इस मशीन के केंद्र में मुख्य इंजन था और इसके चारों ओर 8 बड़े कॉलम खड़े थे, जो 45 हजार केबल लाइनों से जुड़े हुए थे. रोमन का दावा है कि अमेरिका, रूस, चीन और जर्मनी समेत दुनिया के 8 सबसे शक्तिशाली देशों ने मिलकर एक संधि की थी. इस समझौते के तहत भूतकाल में जाने पर सख्त पाबंदी थी, ताकि कोई इतिहास न बदल सके. यही वजह थी कि उन्हें सिर्फ भविष्य में जाने की इजाजत थी. रोमन ने साल 2300 की अपनी यात्रा को जिंदगी का सबसे डरावना और चौंकाने वाला अनुभव बताया. उसने दावा किया कि 200 साल बाद की दुनिया पूरी तरह से हाई-टेक्नोलॉजी और रोबोट्स से घिरी हुई है.
भविष्य में उड़ने वाली कारें और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आम बात बन चुके हैं, लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि वहां की इमारतें, सड़कें और गाड़ियां सभी हरी-भरी घास से ढकी हुई थीं. हालांकि, असली खौफ तब शुरू हुआ जब अचानक उन्हें एक भयानक और गूंजती हुई दहाड़ सुनाई दी. रोमन के मुताबिक, जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो उनके होश उड़ गए. उनके सामने 100 मीटर से भी ज्यादा लंबा एक विशालकाय डायनासोर खड़ा था, जिसके हर कदम से धरती कांप रही थी. जान बचाने के लिए जब वे पेड़ों के पीछे छिपे, तो उन्होंने देखा कि वहां ऐसे कई छोटे-बड़े डायनासोरों का झुंड घूम रहा था. रोमन का कहना है कि उस वक्त उन्हें लगा कि अब उनकी मौत तय है और भविष्य की इस दुनिया में उन्हें अपनी कब्र तक नसीब नहीं होगी.
हालांकि, वे किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस लौटने में कामयाब रहे. सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो शेयर हुआ, वैसे ही वायरल हो गया. ज्यादातर लोगों ने इसे एक बनावटी कहानी, पब्लिसिटी स्टंट और फर्जीवाड़ा करार दिया है. वहीं, भौतिक विज्ञान के जानकारों का भी कहना है कि इस तरह की समय यात्रा व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विलियम हिसकॉक के अनुसार, अल्बर्ट आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत में गणितीय रूप से समय यात्रा के कुछ हल जरूर दिखते हैं, लेकिन वास्तविक भौतिक ब्रह्मांड में ऐसा होना और भूत या भविष्य में यात्रा करना पूरी तरह से असंभव और अव्यावहारिक है.



