Lucknow Triple Murder: लखनऊ में दिनदहाड़े एक ही परिवार के तीनों लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी ऋषभ शुक्ला चर्चा में है. पुलिस के मुताबिक, ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर रह चुका है, लेकिन बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. उसकी शादी नहीं हुई थी और वह अपनी मां के निधन के बाद पिता के साथ रहता था. घर में ऋषभ और उसके पिता के अलावा और कौनकौन था, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. सोमवार सुबह पार्किंग को लेकर हुए विवाद में उसने पड़ोसी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश को गोली मार दी. इस वारदात में तीनों की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने ऋषभ को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया.

कौन है आरोपी ऋषभ शुक्ला?
पुलिस के मुताबिक, करीब ऋषभ शुक्ला सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला में रहता है. वह पहले मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर के पद पर काम करता था. हालांकि बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. उसकी शादी नहीं हुई थी और वह अपने पिता के साथ रहता था. उसकी मां का निधन हो चुका है. ऋषभ की पहचान अब उस आरोपी के तौर पर सामने आई है, जिस पर मामूली पार्किंग विवाद के दौरान तीन लोगों की हत्या करने का आरोप है.
बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे को लेकर पुराना विवाद
ऋषभ शुक्ला और तिवारी परिवार के बीच विवाद कोई नया नहीं था. पड़ोसियों के मुताबिक, ऋषभ के घर के सामने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले से तनातनी चल रही थी. करीब डेढ़ महीने पहले भी विवाद बढ़ने पर मामला सआदतगंज थाने तक पहुंचा था. उस समय पुलिस ने मामले को नगर निगम से जुड़ा बताया था. इसके बाद चबूतरा बनाने का काम रुक गया था. हालांकि दोनों परिवारों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था. सोमवार सुबह गाड़ी खड़ी करने की बात को लेकर एक बार फिर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गई.
गाड़ी खड़ी करने पर शुरू हुआ झगड़ा
घटना सोमवार सुबह 10:35 बजे की है. तिवारी परिवार के मुताबिक, शंभू तिवारी ने बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास अपनी कार खड़ी कर दी थी. इसी बात पर ऋषभ और शंभू के बीच विवाद शुरू हो गया. पहले ऋषभ ने शंभु को गोली मारी, फिर शोर सुनकर बाहर आए शंभू के बड़े भाई शिवाजी तिवारी को गोली मार दी. खून से लथपथ दोनों जमीन पर पडे़ रहे. शोरशराबा सुनकर जब शिवाजी तिवारी का बेटे सुयश बाहर आया तो ऋषभ ने उसे घर के पास सीढ़ियों पर गोली मार दी. इस वारदात में शिवाजी तिवारी और उनके बेटे सुयश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवेंद्र तिवारी ने ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
शिवाजी तिवारी बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी थे. वह RSS में जिला सर कार्यवाह की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे. उनके भाई शिवेंद्र तिवारी लखनऊ विश्वविद्यालय में काम करते थे. वहीं, सुयश बिजली के सामान का कारोबार करता था. परिवार में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं और 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही परिवार में मातम छा गया.
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई गोली चलने की कहानी
नाम ने छापने की शर्त पर एक पड़ोसी ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था. सोमवार सुबह जब विवाद शुरू हुआ तो उन्होंने लोगों से कहा कि सुबहसुबह झगड़ा क्यों कर रहे हैं. अनूप का दावा है कि इस दौरान ऋषभ ने उनसे पुलिस को फोन करने के लिए कहा. अनूप के मुताबिक, वह अपना फोन लेने घर के अंदर गए. इसी बीच 8 से 10 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी. जब वह बाहर लौटे तो वहां तीनों के शव पड़े थे. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था और उस समय पुलिस से शिकायत की गई थी.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में पार्किंग विवाद को वारदात की वजह माना जा रहा है. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस परिवार के आरोपों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.



