
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: जिस भाई पर एक बहन सबसे ज्यादा भरोसा करती है, वही उसके घर को लुटवाने की साजिश रच सकता है, यह शायद किसी ने नहीं सोचा होगा। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में घर में घुसकर महिला को बंधक बनाने और उसके साथ मारपीट कर गहने लूटने के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। जांच में सामने आया कि इस वारदात का कथित मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़िता का सगा भाई था। उसने जेल में बने अपने पुराने आपराधिक साथियों के साथ मिलकर बहन के घर में लूट की योजना बनाई थी।
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, वारदात में शामिल दूसरे आरोपी का शव आगरा में मिला है। मुख्य साजिशकर्ता भाई अभी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
नौकरी की बात करने के बहाने घर में घुसे थे बदमाश
यह वारदात 23 अक्टूबर 2026 को अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र स्थित रुक्मिणी विहार में हुई थी। यहां नवीन कुमार अपनी पत्नी नीरेश देवी के साथ रहते हैं। घटना वाले दिन नवीन कुमार रोजाना की तरह काम पर गए हुए थे और उनकी पत्नी घर में अकेली थीं।
दोपहर के समय पल्सर बाइक पर सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। उन्होंने नौकरी के सिलसिले में बातचीत करने का बहाना बनाया और घर के अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचते ही दोनों ने महिला को बंधक बना लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और तमंचे की बट से सिर पर वार कर उन्हें घायल कर दिया गया।
इसके बाद बदमाश घर में रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। घायल महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
CCTV और सर्विलांस से पुलिस आरोपी तक पहुंची
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोरावर पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग की टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की।
जांच के दौरान पुलिस फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के नगला करन सिंह निवासी सुदीप तक पहुंची। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो लूट की वारदात के पीछे की साजिश सामने आने लगी।
पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए दो कुंडल, आठ अंगूठियां, छह लौंग, दो पायल और 2,150 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा एक तमंचा और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी जब्त की गई।
जेल में हुई थी दोस्ती, फिर बहन के घर को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सुदीप ने पूछताछ में बताया कि उसकी दोस्ती फिरोजाबाद जेल में बंद रहने के दौरान आगरा के बरहन निवासी दीपू और पीड़िता के सगे भाई जितेंद्र उर्फ जयप्रकाश उर्फ जेपी से हुई थी। जितेंद्र करीब सात साल तक फिरोजाबाद जेल में बंद रहा था।
जेल से बाहर आने के बाद जितेंद्र ने अपने पुराने साथियों के साथ मिलकर अपनी बहन के घर लूट की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, वारदात से करीब 15 दिन पहले वह दोनों आरोपियों को अलीगढ़ लेकर आया था और बहन का घर दिखाया था।
आरोप है कि जितेंद्र ने ही बदमाशों को बताया था कि उसका जीजा किस समय ड्यूटी पर जाता है, घर में कौन रहता है और सोने-चांदी के गहने कहां रखे हुए हैं। इसी जानकारी के आधार पर लूट की पूरी योजना तैयार की गई।
दूसरे आरोपी की आगरा में मिली लाश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार सुदीप के खिलाफ फिरोजाबाद में हत्या और आर्म्स एक्ट सहित पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, वारदात में शामिल दूसरे आरोपी दीपू का शव आगरा के एत्माद्दौला इलाके में मिला है।
शुरुआती जानकारी में उसके आत्महत्या करने की आशंका जताई गई है। हालांकि, उसकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फरार भाई की तलाश में जुटी पुलिस
अलीगढ़ के एएसपी सिटी आदित्य बंसल ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से लूट का सामान तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति ने बदमाशों को घर की पूरी जानकारी दी, वह पीड़िता का अपना भाई बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मुख्य साजिशकर्ता जितेंद्र की तलाश में दबिश दे रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
— Satya Report



