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AI​​​ से बनाई खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर शादी का झांसा, पसंद आते ही मांगता था 2 हजार रुपये; दुर्ग में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

AI​​​ से बनाई खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर शादी का झांसा, पसंद आते ही मांगता था 2 हजार रुपये; दुर्ग में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

दुर्ग, छत्तीसगढ़: शादी के लिए जीवनसाथी तलाश रहे लोगों को निशाना बनाकर ठगी करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक कथित तौर पर AI की मदद से काल्पनिक लड़कियों की खूबसूरत तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर मैरिज ब्यूरो का प्रचार करता था। जब कोई व्यक्ति तस्वीर देखकर शादी में दिलचस्पी दिखाता, तो उससे रजिस्ट्रेशन या अन्य फीस के नाम पर 2,000 रुपये और अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। पैसे मिलते ही उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था।

दुर्ग जिले की सुपेला पुलिस ने इस कथित फर्जी मैरिज ब्यूरो पर छापा मारकर इसके संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब तीन महीने से यह पूरा नेटवर्क चला रहा था और देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले विवाह के इच्छुक लोगों को फोन के जरिए निशाना बनाता था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा

पुलिस को 29 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि सुपेला थाना क्षेत्र के उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक हॉल में ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाया जा रहा है। सूचना के अनुसार, यहां कॉल सेंटर के जरिए फर्जी सिम कार्ड और दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की जा रही थी।

इसके बाद सुपेला पुलिस की टीम ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां कथित मैरिज ब्यूरो का संचालक परमानंद यादव और चार युवतियां मौजूद मिलीं। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कंप्यूटर, बैंक खातों की चेकबुक, QR कोड और ग्राहकों के मोबाइल नंबरों से जुड़े रजिस्टर मिले।

AI से तैयार करता था काल्पनिक लड़कियों की तस्वीरें

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘फ्यूचर पार्टनर’, ‘कल्याण मैट्रिमोनी’ और ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ जैसे नामों से वैवाहिक सेवाओं का प्रचार करता था। इन पेजों पर AI की मदद से बनाई गई काल्पनिक लड़कियों की तस्वीरें और फर्जी मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जाते थे।

शादी के लिए साथी तलाश रहे दूसरे राज्यों के लोग इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करते थे। उनसे फोन पर बातचीत की जाती और बायोडाटा मंगवाया जाता था। इसके बाद उन्हें उनकी पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता था।

पसंद की लड़की दिखाकर QR कोड से वसूलता था पैसे

पुलिस के अनुसार, जब कोई व्यक्ति दिखाई गई लड़की से रिश्ता करने में दिलचस्पी दिखाता, तो उससे मैरिज ब्यूरो की फीस के नाम पर 2,000 रुपये जमा करने को कहा जाता था। इसके लिए मैरिज काउंसलर के नाम पर इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के QR कोड दिए जाते थे।

शुरुआती रकम मिलने के बाद भी लोगों से दूसरी रकम वसूले जाने की बात सामने आई है। लेकिन जैसे ही पैसे जमा हो जाते, संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता और उससे संपर्क बंद कर दिया जाता था। इस तरह शादी की उम्मीद लेकर संपर्क करने वाले लोग ठगी का शिकार हो जाते थे।

7 हजार रुपये महीने की नौकरी पर रखी गई थीं युवतियां

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके पर चार युवतियां भी मिलीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें 7,000 रुपये प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया गया और दो दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया था।

इसके बाद उन्हें मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से फोन पर बातचीत करने और QR कोड के जरिए भुगतान लेने का काम सौंपा गया था। फिलहाल युवतियों की भूमिका और उन्हें पूरे कथित फर्जीवाड़े की कितनी जानकारी थी, यह जांच का विषय है।

रोजाना 20 से 50 कॉल किए जाते थे

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी करीब तीन महीने से यह गतिविधि चला रहा था। इस दौरान रोजाना लगभग 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। पुलिस ने यह भी बताया कि इस्तेमाल किए जा रहे कई बैंक खातों के खिलाफ भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर पहले से शिकायतें दर्ज थीं।

इससे पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों के कई लोगों को निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि, कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए और कितनी रकम वसूली गई, इसका पूरा आंकड़ा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

1.64 लाख रुपये नकद समेत 2.83 लाख की सामग्री जब्त

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल करीब 2,83,600 रुपये की संपत्ति जब्त की है। बरामद सामान में शामिल हैं:

  • नकदी: 1 लाख 64 हजार रुपये।
  • मोबाइल फोन: 22 कीपैड मोबाइल और 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन।
  • सिम कार्ड: एयरटेल और वीआई के कुल 16 सिम कार्ड।
  • बैंक दस्तावेज: बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, फेडरल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और IDBI बैंक से संबंधित पासबुक और चेकबुक।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: एक कंप्यूटर सेट और इंटरनेट वाई-फाई उपकरण।
  • अन्य सामग्री: QR कोड, ग्राहकों के मोबाइल नंबरों वाले रजिस्टर और मैरिज ब्यूरो के प्रचार संबंधी फ्लेक्स।

कौन है गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस ने इस मामले में 24 वर्षीय परमानंद यादव को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग का निवासी बताया गया है। उसका वर्तमान पता नेहरू नगर ईस्ट बताया गया है।

थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 319(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

दुर्ग पुलिस ने लोगों को किया सावधान

इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो और वैवाहिक सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली तस्वीरों और प्रोफाइल की वास्तविकता की पुष्टि किए बिना किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

विवाह के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल फीस या अन्य अग्रिम रकम मांगने वाली अनजान संस्थाओं की पहले जांच करें। किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक विवरण, OTP या पासवर्ड जैसी निजी जानकारी न दें। अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या QR कोड का इस्तेमाल भी किसी दूसरे व्यक्ति को न करने दें।

अगर किसी के साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

— Satya Report

contact.satyareport@gmail.com

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