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नेतन्याहू के देश में गूंजेगा जय भवानी जय शिवाजी का नारा… इजरायल में लगेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति

Chhatrapati Shivaji Maharaj: मराठा साम्राज्य के संस्थापक और भारत के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति अब केवल हमारे देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब दुनियाभर में भी उन्हें पहचान मिलने लगी है. इसका नया उदाहरण अब इजरायल में देखने को मिला है. बता दें कि भारत के अलावा अब इजरायल में भी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति और स्मारक स्थापित किए जाएंगे. इसको लेकर भारत के इजरायल में राजदूत यानिव रेवाच ने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की.

नेतन्याहू के देश में गूंजेगा जय भवानी जय शिवाजी का नारा… इजरायल में लगेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति
नेतन्याहू के देश में गूंजेगा जय भवानी जय शिवाजी का नारा… इजरायल में लगेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति

सीएम से मांगा सहयोग
बता दें कि मुंबई में इजरायल के कॉउंसिल जनरल यानिव रेवाच सीएम फडणवीस के साथ बातचीत में इजरायल में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा और स्मारक स्थापित करने की इच्छा जताई. इसके लिए उनसे यहयोग और मार्गदर्शन का भी अनुरोध किया. सीएम ने भी इजरायली राजदूत को आश्वासन दिया की महाराष्ट्र सरकार भारत की शान छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थापित करने और स्मारक बनाने में हरसंभव मदद के लिए इजरायल को पूरा सहयोग देगी.

इजरायल में स्थापित होगी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति
इजरायली दूत जनरल यानिव रेवाच ने इसकी जानकारी देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,’ शिवराज्याभिषेक दिवस पर मैं गर्वपूर्वक घोषणा करता हूं कि हम इजराइल में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने जा रहे हैं. उनकी विरासत के मुताबिक इस स्मारक को भव्य बनाने के लिए हमने मुख्यमंत्री देव फडनवीस से सहयोग मांगा और उन्होंने तुरंत सहयोग देने की सहमति दी. जय भवानी, जय शिवाजी.’

इजरायल भेजी जाएगी मूर्ति
जनरल यानिव रेवाच ने सीएम फडणवीस के साथ मुलाकात को लेकर कहा,’हम अच्छी तरह समझते हैं कि इसका क्या असर होगा और भारत के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज कितने अहम हैं. हमारा मकसद महाराज की एक बड़ी मूर्ति बनाना और उसे इजरायल भेजना था. यह एक लंबे समय तक चलने वाला प्रोजेक्ट होगा और इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत के लोग इजरायल के लोगों से भी जुड़ेंगे. हमारी योजना इसे इजरायल के किसी बड़े शहर में लाने की है और मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस में उनसे सलाह लेने और यह देखने आया था कि क्या हम सच में मिलकर काम कर सकते हैं. उन्होंने तुरंत अपनी मंजूरी दे दी और इससे हमें वह सारा सपोर्ट मिलेगा जिसकी हमें जरूरत होगी.’

भारत में शिवाजी महाराज का महत्व
भारत के इतिहास में छत्रपति शिवाजी केवल महान योद्धा और रणनीतिकार तक ही सीमित नहीं हैं. उन्होंने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की थी. 17वीं सदी में मुगलों समेत बीजापुर सल्तनत के अत्याचारों के दौरान उन्होंने आम जनता को संगठित कर एक ऐसे स्वतंत्र साम्राज्य की स्थापना की, जो जनकल्याणकारी और धर्मनिरपेक्ष था. हिंदवी स्वराज्य का मकसद केवल स्वतंत्रता, कल्याण और प्रजा की सुरक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि भारत में विदेशी प्रभुत्व को खत्म कर स्वदेशी शासन की पुनर्स्थापना करना था. छत्रपति शिवाजी महाराज को आधुनिक भारतीय नौसेना का जनक भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने व्यापार और तटीय सुरक्षा के महत्व को देखते हुए अपनी नेवी का गठन किया था. छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने प्रशासन में फारसी शब्दों को हटाकर मराठी भाषा को बढ़ावा दिया था. इसके अलावा उन्होंने बिना विशालकाय सेना के बेहतरीन गोरिल्ला युद्ध तकनीकों और पहाड़ी किलों के सटीक उपयोग से मुगलों की सेना को मात दी थी.

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