आजकल लंबे और खूबसूरत नाखून रखना फैशन का हिस्सा बन चुका है. लेकिन जिन लोगों ने कभी लंबे नाखूनों के साथ फोन चलाने की कोशिश की है, वे जानते हैं कि यह कितना मुश्किल होता है. टाइपिंग करते समय बारबार गलत बटन दब जाना, स्क्रीन स्क्रॉल करने में परेशानी और उंगलियों को अजीब तरीके से मोड़ना आम समस्या बन जाती है. खासकर एक्रिलिक नेल्स, जेल एक्सटेंशन या नेचुरली लंबे नाखून रखने वाली महिलाओं को ये दिक्कत ज्यादा होती है.

लेकिन खुशी के बात ये है कि अब वैज्ञानिकों ने इस परेशानी का एक दिलचस्प समाधान खोजने की कोशिश की है. जी हां, अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के रिसर्चर्स ने ऐसी ट्रांसपेरेंट नेल पॉलिश बनाने का आइडिया पेश किया है, जिससे आप लंबे नाखूनों के साथ भी फोन या लैपटॉप को आसानी से चला सकेंगी. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं इसके बारे में.
आखिर नाखून से फोन क्यों नहीं चलता?
अक्सर लंबे नाखून रखने वाली महिलाओं को ये दिक्कत रहती है कि बहुत बार टच करने पर मोबाइल फोन चलता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर स्मार्टफोन ‘कैपेसिटिव टचस्क्रीन’ तकनीक पर काम करते हैं. यह स्क्रीन हमारी त्वचा में मौजूद इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी को पहचानती है. जब हम उंगली से स्क्रीन को छूते हैं, तो स्क्रीन का इलेक्ट्रिक फील्ड बदलता है और फोन उस टच को पहचान लेता है.लेकिन लंबे नाखून बिजली को कंडक्ट नहीं करते, इसलिए जब कोई व्यक्ति सीधे नाखून से स्क्रीन को छूता है, तो फोन उस टच को पहचान नहीं पाता. इसी वजह से लंबे नाखून वाले लोग अक्सर उंगली के किनारे का इस्तेमाल करते हैं या हाथ को अजीब एंगल में मोड़कर फोन चलाते हैं.
कैसे काम करेगी यह ‘स्मार्ट’ नेल पॉलिश?
हालांकि, अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी स्मार्ट नेल पॉलिश की खोज की है, जिससे लंबे नाखून के बाद भी फोन आराम से चला सकेंगीं. यह के लुइसियाना स्थित सेंटेनरी कॉलेज में की गई. केमिस्ट्री की छात्रा मनासी देसाई और प्रोफेसर जोशुआ लॉरेंस ने मिलकर इस तकनीक पर काम किया. इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने 50 से ज्यादा पदार्थों और कई तरह की ट्रांसपेरेंट नेल पॉलिश फॉर्मूला को टेस्ट किया. आखिर में उन्हें टॉरीन और अल्कोहोलअमाइन जैसे केमिकल्स में अच्छे रिजल्ट मिले.
यह नेल पॉलिश खास “एसिडबेस केमिस्ट्री” की मदद से काम करती है. इसमें छोटेछोटे चार्ज्ड पार्टिकल्स यानी प्रोटॉन्स एक जगह से दूसरी जगह मूव करते हैं, जिससे नाखून में हल्की इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी पैदा हो जाती है. यही कंडक्टिविटी फोन स्क्रीन को टच पहचानने में मदद करती है. बता दें कि, रिसर्च के शुरुआती टेस्ट में यह पॉलिश स्मार्टफोन स्क्रीन को एक्टिव करने में सक्सेसफुल रही.
अभी बाजार में आने में लगेगा समय
हालांकि, वैज्ञानिकों ने बताया है कि ये नेल पॉलिश ज्यादातर देर तक काम नहीं कर पाएगी. इसका असर सिर्फ कुछ घंटो तक ही रहा है. इसके अलावा सुरक्षा और सेहत को लेकर भी सवाल हैं. टॉरीन को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एथेनोलअमाइन जैसे कुछ केमिकल्स रोजाना इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते. इसलिए वैज्ञानिक अब ऐसे सुरक्षित और टिकाऊ ऑप्शन तलाश रहे हैं जो लंबे समय तक काम कर सकें. अगर वैज्ञानिक इस नेल पॉलिश को पूरी तरह सफल बना लेते हैं, तो फ्यूचर में लंबे नाखून रखने वालों को फोन चलाने में परेशानी नहीं होग.



